Ashok Kharat Case में बड़ा खुलासा, तांत्रिक खरात को मिला था राजनीतिक संरक्षण
नाशिक सेक्स स्कैंडल में तांत्रिक Ashok Kharat को राजनीतिक संरक्षण मिलने का बड़ा खुलासा हुआ है। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल के बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अशोक खरात ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Ashok Kharat Political Support Row: नाशिक सेक्स स्कैंडल में फंसे ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात का राजनीतिक महकमे में काफी दबदबा था।
अब महायुति सरकार में कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने खुद इसे स्वीकार करते हुए कहा है कि शक्तिशाली नेताओं की छत्रछाया में ही खरात अपने गोरखधंधे को अंजाम दे रहा था।
अहिल्यानगर जिले के पालक मंत्री पाटिल ने दावा किया है कि खरात को इतना बड़ा पॉलिटिकल सपोर्ट था कि किसी ने उसके खिलाफ एक्शन लेने की हिम्मत नहीं की। ये सारा खेल नाशिक पुलिस की नाक के नीचे चल रहा था।
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Ashok Kharat के खिलाफ पहले भी शिकायतें हुई थीं दर्ज
बड़ा सवाल यह है कि खरात के खिलाफ पहले भी शिकायतें थीं, तो फिर एक्शन क्यों नहीं लिया गया। इस तरह के मामलों में लॉ एंड ऑर्डर एजेंसियों की भी कुछ जिम्मेदारी है, लेकिन इसे ठीक से नहीं निभाया गया। विखे पाटिल ने कहा कि अगर मैंने शिरडी में केस रजिस्टर नहीं किया होता, तो खरात का यह खेल ऐसे ही कितने साल तक चलता रहता।
आखिर राज्य की सीआईडी, इंटेलिजेंस एजेंसियां, लोकल क्राइम ब्रांच क्या कर रही थी। राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप की जगह खरात मामले पर पर्दा डालने के लिए असली जिम्मेदार कौन है। इसका खुलासा होना चाहिए। पाटिल के इस संगीन आरोप से हड़कंप मच गया है।
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VSR एयरलाइंस का मालिक भी भक्त
राकां सुनेत्रा पवार गुट के नेता अमोल मिटकरी ने दावा किया है कि विवादित एयरलाइंस कंपनी वीएसआर का मालिक वी। के। सिंह भी खरात का भक्त है। 18, 19 और 20 नवंबर 2025 को शिवरात्रि और अमावस्या थी। इस दौरान अजीत पवार के बारामती स्थित निवास में अघोरी पूजा की गई थी। शरद गुट के विधायक रोहित पवार ने कहा कि अगर नाशिक के ढोंगी खरात ने यह जादू-टोना किया, तो वह राजनीतिक राक्षस कौन है जिसने इस धोखेबाज को ऐसा करने की सुपारी दी। उसकी इस भयानक इच्छा के पीछे राजनीतिक मकसद क्या था।
