

Amol Mitkari Justice For Dada Protest: महाराष्ट्र की राजनीति में पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे का मामला एक बार फिर गरमा गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक अमोल मिटकरी ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार और जांच एजेंसियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मिटकरी ने आरोप लगाया कि हादसे के ढाई महीने बाद भी सच्चाई को जानबूझकर छिपाया जा रहा है।
अमोल मिटकरी ने एक लाइव संवाद के दौरान बेहद चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने आश्वासन दिया था कि 15 दिनों के भीतर ब्लैक बॉक्स का डेटा सार्वजनिक कर दिया जाएगा। लेकिन आज ढाई महीने बीत चुके हैं, फिर भी रिपोर्ट गायब है। मिटकरी ने यह भी सवाल उठाया कि एयरपोर्ट के गेट नंबर 8 से लेकर विमान तक की CCTV फुटेज जारी क्यों नहीं की जा रही है?
जांच पर संदेह जताते हुए अमोल मिटकरी ने कहा कि इस बात की स्पष्टता होनी चाहिए कि उस दिन विमान में वास्तव में कितने लोग सवार थे। उन्होंने पूछा कि पायलट कौन था और विमान में मौजूद यात्रियों की सही संख्या क्या थी? मिटकरी के अनुसार, DGCA की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई विसंगतियां हैं। रिपोर्ट में घटनास्थल पर पेड़ होने की बात कही गई है, जबकि मिटकरी का दावा है कि वहां कोई पेड़ था ही नहीं।
अमोल मिटकरी ने भावुक होते हुए कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जब उन्होंने अजित दादा के लिए आंदोलन करना चाहा, तो कई विधायक साथ नहीं आए। उन्होंने कहा कि अगर उस वक्त हम एकजुट होकर बैठते, तो आज तस्वीर कुछ और होती। अब इस मामले को जनता के बीच ले जाने के लिए मिटकरी ने ‘जस्टिस फॉर दादा’ (Justice For Dada) अभियान की घोषणा की है।
इसके तहत जिला, तालुका और गांव स्तर पर रैलियां निकाली जाएंगी। ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे। सरकार से जांच में तेजी लाने और दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की जाएगी।
बता दें किया अमोल मिटकरी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार लगातार इस मामले को उठा रहे है। विमान हादसे में साजिश का आराेप लगाते हुए जांच की मांग कर रहे हैं। रोहित पवार इस मामले FIR दर्ज करने की भी मांग कर रहे हैं।