साढ़े 5 घंटा बना मौत का कारण, तरबूज से हुई मौत मामले में बड़ा खुलासा, वजह सुन रह जाएंगे दंग
Mumbai Watermelon Death Case: साढ़े 5 घंटे की देरी बनी डोकाडिया परिवार की मौत की वजह। जे.जे. मार्ग पुलिस कर रही है 'मॉर्फिन' विषाक्तता की जांच। हॉस्पिटल की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है।
- Written By: अनिल सिंह
पायधुनी मौत मामला: साढ़े 5 घंटे का इंतजार पड़ा भारी, जे.जे. अस्पताल की रिपोर्ट ने चौंकाया (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
Dokadia Family Watermelon Death Case: मुंबई के पायधुनी स्थित डोकाडिया परिवार के चार सदस्यों की मौत ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। इस दुखद घटना की जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि यदि परिवार को समय पर अस्पताल पहुँचाया जाता, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। विशेषज्ञों के बीच हुई चर्चा से पता चला है कि मरीजों को सही चिकित्सा उपचार मिलने में करीब साढ़े पांच घंटे की देरी हुई, जो उनके शरीर के लिए घातक सिद्ध हुई।
चिकित्सा जगत में ‘गोल्डन आवर’ (तत्काल उपचार का पहला घंटा) अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि इस अवधि के दौरान उपचार न मिले तो शरीर में विष के लक्षण और भी गंभीर हो जाते हैं।
हादसे की रात और इलाज में लापरवाही
घटनाक्रम के अनुसार, रात के खाने के बाद तरबूज खाने से परिवार के चारों सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हुई। शुरुआत में उन्होंने एक स्थानीय डॉक्टर से प्राथमिक उपचार लिया, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली। लेकिन स्थिति दोबारा बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय घर पर ही रखा गया। अंततः, जब स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई, तब उन्हें अगले दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 12:45 बजे के बीच जे.जे. अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया या उनकी हालत बेहद नाजुक पाई गई।
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‘गोल्डन आवर’ और मॉर्फिन का संदेह
चिकित्सा विज्ञान में ‘गोल्डन आवर’ यानी बीमारी के लक्षणों के बाद के पहले घंटे को उपचार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। डोकाडिया परिवार ने यह कीमती समय घर पर ही गंवा दिया, जिससे शरीर में जहर का असर गहरा गया। पोस्टमार्टम के बाद लिए गए नमूनों की प्रारंभिक रिपोर्ट में गंभीर विषाक्तता (Poisoning) के संकेत मिले हैं। पुलिस को संदेह है कि भोजन में ‘मॉर्फिन’ जैसा खतरनाक पदार्थ शामिल हो सकता है, हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि अभी बाकी है।
जांच और कानूनी प्रक्रिया
फिलहाल जे.जे. मार्ग पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की है और लगभग एक दर्जन लोगों के बयान लिए हैं। एफडीए (FDA) इस बात की जांच कर रही है कि क्या विषाक्तता का कारण केवल तरबूज था या कुछ और। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत ‘टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट’ आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ होगी और इसके बाद जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
