Kalyan Illegal Hoardings: कल्याण में अवैध होर्डिंग्स का जाल, मानसून से पहले बड़े हादसे का खतरा
Kalyan Illegal Hoardings News: कल्याण-डोंबिवली में सैकड़ों अवैध और जर्जर होर्डिंग्स मानसून से पहले खतरा बन गए हैं। तेज हवाओं में इनके गिरने की आशंका से नागरिकों में डर है।
- Written By: अपूर्वा नायक
कल्याण सिटी में अवैध होर्डिंग्स (सौ. सोशल मीडिया )
Kalyan Illegal Hoardings Risk Update: मानसून की दस्तक से पहले शहर में लगे अवैध होर्डिंग्स अब ‘मौत के इंतजार’ जैसे साबित हो सकते हैं।
जमीनी पड़ताल में सामने आया है कि कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र में सैकड़ों होर्डिंग्स नियमों को ताक पर रखकर लगाए गए हैं, जिनमें से कई की हालत बेहद जर्जर हैं और तेज हवा में कभी भी गिर सकते हैं।
शहर के प्रमुख चौराहों, फुटपाथों और इमारतों की छतों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स खुलेआम दिखाई दे रहे हैं। कई जगहों पर लोहे के ढांचे जंग खा चुके हैं, तो कहीं सपोर्ट कमजोर नजर आता है। बावजूद इसके, इनकी नियमित जांच या हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिखती।
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नियमों के मुताबिक 40 वर्गफुट से बड़े होर्डिंग्स, फुटपाथ या इमारतों की छत पर लगे विज्ञापन बोर्ड प्रतिबंधित हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
किसकी मिलीभगत से बिछाया जा रहा जाल
पिछले साल स्वामी सहजानंद चौक और काटई नाका पर तेज हवाओं में होर्डिंग गिरने की घटनाएं सामने आई थीं। इससे पहले घाटकोपर इलाके में हुए हादसे में 17 लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद शहर में अवैध होर्डिंग्स का जाल लगातार फैलता जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध होर्डिंग्स आखिर किसकी मिलीभगत से खड़े हो रहे हैं? क्या इनका कोई रिकॉर्ड है? क्या इनका स्ट्रक्चरल ऑडिट हुआ है? या फिर यह सब केवल कमाई का जरिया बनकर रह गया है?
जनता में डर, प्रशासन पर सवाल
स्थानीय नागरिक के पी शर्मा का कहना है कि रोजाना हजारों लोग इन होर्डिंग्स के नीचे से गुजरते हैं। ऐसे में कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। लोगों ने मनपा से तुरंत सर्वे कर सभी अवैध और कमजोर होर्डिंग्स हटाने की मांग की है।
अब देखना यह है कि मानसून से पहले प्रशासन जागता है या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होती है। इस मुद्दे पर केडीएमसी की उपायुक्त वंदना गुलवे का कहना है कि अवैध होर्डिंग के खिलाफ मनपा प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई करने की तैयारी की गई है।
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जिम्मेदारी सीधे प्रशासन की होगी
शहर में जो होर्डिंग्स लगे हैं, उनमै से ज्यादातर अवैध हैं। उनकी दिशा, ऊंचाई और – स्ट्रक्चर किसी भी नियम के मुताबिक नहीं है। हर साल – मानसून में तेज हवाएं चलती हैं और ऐसे में ये होर्डिंग्स गिरना तय है। अगर समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया, तो – कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसकी जिम्मेदारी सीधे प्रशासन की होगी।
– भालचंद्र पाटिल, सामाजिक कार्यकर्ता
कल्याण डोंबिवली से नवभारत लाइव के लिए एच पी तिवारी की रिपोर्ट
