मुंबई में पानी चोरी का बड़ा खुलासा, पवई के फिल्टर पाड़ा में रोजाना हजारों लीटर पानी की अवैध निकासी
Mumbai Water Theft Racket: मुंबई में जल संकट के बीच पवई के फिल्टर पाड़ा इलाके में बड़े पैमाने पर पानी चोरी का मामला सामने आया है। बीएमसी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध कनेक्शन काटे गए।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई पानी चोरी रैकेट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Water Theft Racket Busted in Powai: एक ओर मुंबईवासी गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं और प्रशासन लगातार पानी की हर बूंद का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पवई के फिल्टर पाड़ा इलाके में प्रतिदिन हजारों लीटर पानी की अवैध चोरी किए जाने का मामला बीएमसी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में सामने आया है।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 20 हजार से लेकर 1 लाख लीटर तक पानी की चोरी होने की आशंका जताई गई है। जानकारी के अनुसार, फिल्टर पाड़ा स्थित मुख्य जल पाइपलाइन पर अवैध कनेक्शन जोड़कर तथा शक्तिशाली सक्शन पंपों का उपयोग कर पानी की चोरी की जा रही थी।
इस अवैध निकासी के कारण अधिकृत जल कनेक्शन रखने वाले स्थानीय नागरिकों के घरों में पानी की आपूर्ति लगभग ठप हो गई थी। इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बीएमसी के जल अभियंता विभाग ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त रूप से इलाके में अचानक छापा मारा।
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छापे के दौरान काटे गए अवैध जल कनेक्शन
कार्रवाई के दौरान कई विद्युत सक्शन पंप जब्त किए गए और सभी अवैध जल कनेक्शनों को काट दिया गया। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए वॉचडॉग फाउंडेशन के ट्रस्टी एडवोकेट गाँडाके पिमेटा ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मुंबई में जब भी जल संकट उत्पन्न होता है, पानी माफिया सक्रिय हो जाते हैं। फिल्टर पाड़ा की यह घटना मुंबईवासियों के हिस्से के पानी पर डाका डालने के समान है। उनके अनुसार, स्थानीय अधिकारियों और पानी माफिया की मिलीभगत के बिना इस तरह की संगठित चोरी संभव नहीं है।
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रैकेट के मास्टरमाइंड को करें गिरफ्तार
- उन्होंने मांग की कि केवल सक्शन पंप जब्त करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार किया जाना
- उन्होंने कहा कि जब आम नागरिक पानी के लिए परेशान हैं, तब ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस बीच प्रशासन ने भी मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है।
- पानी चोरी करने वाले इस गिरोह के खिलाफ केवल सामान्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के बजाय सार्वजनिक संपति को नुकसान से संरक्षण संबंधी कानून के तहत कठोर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
- चूंकि यह अपराध गैर-जमानती श्रेणी में आ सकता है, इसलिए पानी माफिया में हड़कंप मच गया है। बीएमसी की इस कार्रवाई से फिल्टर पाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में पानी के दबाव में सुधार होने की उम्मीद है।
- हालांकि, अब प्रशासन के सामने यह बड़ी चुनौती भी है कि मुंबई के अन्य इलाकों में भी कहीं इसी तरह छिपकर पानी की चोरी तो नहीं की जा रही है।
