कुछ को 5 वोट मिले, कुछ को शून्य वोट, विधान परिषद चुनाव में महाविकास अघाड़ी की सबसे बुरी हार
Maha MLC Election Result 2026 MVA Defeat: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महायुति ने 17 में से 16 सीटें जीतकर किया क्लीन स्वीप किया है, जबकि मविआ की करारी हार, उनका खाता भी नहीं खुला।
- Written By: अनिल सिंह
हर्षवर्धन सपकाल, शरद पवार और उद्धव ठाकरे (फोटो क्रेडिट-X)
MVA Defeat MLC Election Result 2026: महाराष्ट्र स्थानीय निकाय विधान परिषद चुनाव 2026 के घोषित हुए, नतीजों ने महाविकास अघाड़ी (MVA) के पैरों तले जमीन खिसका दी है। सूबे की कुल 17 विधान परिषद सीटों पर हुए इस चुनावी संग्राम में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने एकतरफा और प्रचंड बहुमत के साथ 16 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वहीं, बची हुई एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार का कब्जा रहा है। इस चुनाव में सबसे बड़ा झटका विपक्षी महाविकास अघाड़ी को लगा है, जो अपना खाता खोलने में भी पूरी तरह नाकाम साबित हुई।
विपक्ष के लिए यह हार कितनी अपमानजनक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट के कई दिग्गज उम्मीदवारों को दहाई का आंकड़ा छूने के लिए भी तरसना पड़ा है। कहीं विपक्ष को महज 5 वोट नसीब हुए, तो कहीं देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के प्रत्याशी को ‘शून्य’ (0) वोट पर ही संतोष करना पड़ा, जिसने अघाड़ी के भीतर की अंदरूनी गुटबाजी और क्रॉस वोटिंग की पोल खोलकर रख दी है।
जलगांव में ठाकरे गुट को 5 वोट, अमरावती में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला
चुनाव नतीजों के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई निर्वाचन क्षेत्रों में महाविकास अघाड़ी की शर्मनाक स्थिति साफ दिखाई देती है। जलगांव सीट पर भाजपा के नंद कुमार महाजन को 577 वोट मिले, जबकि उनके सामने खड़े ठाकरे गुट के शरद तायडे को केवल 5 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। इससे भी बदतर स्थिति अमरावती सीट पर देखने को मिली, जहां भाजपा के डॉ. प्रवीण पोटे ने 390 वोट हासिल कर एकतरफा जीत दर्ज की, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के उम्मीदवार हर्षजीत देशमुख को ‘शून्य’ वोट मिले। अमरावती में कांग्रेस प्रत्याशी को एक भी वोट न मिलना राज्य के सियासी गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है।
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सोलापुर, नागपुर और संभाजीनगर सहित प्रमुख गढ़ों में महायुति का एकतरफा क्लीन स्वीप
कुल 17 सीटों में से 6 सीटों पर महायुति के उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे, जबकि शेष 11 सीटों के लिए 18 जून को मतदान हुआ था। घोषित परिणामों में सोलापुर से भाजपा के राजेंद्र राउत ने 483 वोट लेकर शरद पवार गुट के वसंतराव देशमुख (118 वोट) को करारी मात दी। वहीं, नागपुर में भाजपा के डॉ. राजीव पोतदार ने 682 वोट हासिल कर कांग्रेस के अतुल लोन्धे (130 वोट) को बड़े अंतर से पटखनी दी। छत्रपति संभाजीनगर-जालना सीट पर भी भाजपा के सुहास शिरसात 454 वोट पाकर विजयी रहे, जबकि ठाकरे गुट के गणेश लोन्धे केवल 134 वोटों पर सिमट गए। धाराशिव-लातूर-बीड में भाजपा के बसवराज पाटिल ने 845 वोटों का विशाल आंकड़ा छूकर कांग्रेस को पूरी तरह पछाड़ दिया।
केवल नासिक सीट पर महायुति को झटका, निर्दलीय गोकुल गीते ने मारी बाजी
इस पूरे विधान परिषद चुनाव में महायुति के लिए एकमात्र निराशा नासिक सीट से आई, जहां गठबंधन के भीतर का आपसी तालमेल बिगड़ गया। नासिक में भाजपा के बागी और निर्दलीय चुनाव लड़ रहे गोकुल गीते ने 357 वोट पाकर शानदार जीत हासिल की। उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे को पराजित किया, जिन्हें केवल 248 वोट मिले। हालांकि, इसके बावजूद भी महायुति के निर्विरोध जीते 6 विधायकों (प्राजक्ता तनपुरे, अरुण लखानी, रवींद्र फाटक, दुष्यन्त चतुवेर्दी, विक्रम काकड़े और अनिकेत तटकरे) को मिलाकर सत्ता पक्ष ने विधान परिषद के इस रण में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है।
