

Housing Society Maintenance Charges News: मुंबई समेत आसपास के शहरों की हाउसिंग सोसायटियों में मेंटेनेंस शुल्क को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के बीच फ्लैट मालिकों को बड़ी राहत मिली है। महाराष्ट्र राज्य सहकारी अपीलीय न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अब 'बड़ा घर, बड़ा बिल' का फार्मूला नहीं चलेगा।
अदालत ने मेंटेनेंस बिल में 'स्क्वेयर फीट गेम' को खारिज करते हुए सोसायटी की दलील नामंजूर कर दी और कहा कि वर्ष 2000 के सरकारी आदेश के अनुसार सामान्य सेवाओं के लिए सभी सदस्यों से समान शुल्क लिया जाना चाहिए, यह फैसला 12 जून को हुई सुनवाई में सांताक्रूज पश्चिम स्थित वत्सला निवास को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड से जुड़े मामले में सुनाया गया।
सोसायटी ने फ्लैट नंबर 201 के मालिक पर बिल में अचानक 17.26 लाख रुपए बकाया दिखाया था। फ्लैट मालिक पूनम सोनी ने कई बार इस राशि का विस्तृत ब्यौरा मांगा, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सहकारी न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सहकारी न्यायालय ने 28 अप्रैल 2025 को अंतरिम राहत देते हुए विवादित राशि की वसूली पर रोक लगा दी और सोसायटी को स्क्वेयर फीट के आधार पर मेंटेनेंस वसूलने से मना कर दिया, साथ ही 29 अप्रैल 2000 के सरकारी आदेश के अनुसार प्रति फ्लैट समान शुल्क लेने और 3 माह के भीतर बकाया राशि का पूरा लेखा-जोखा देने का निर्देश दिया।
सोसायटी ने इस आदेश को महाराष्ट्र राज्य सहकारी अपीलीय न्यायालय में चुनौती दी, लेकिन अपील खारिज कर दी गई। न्यायालय ने माना कि सोसायटी बकाया राशि का स्पष्ट आधार बताने में विफल रही और स्क्वेयर फीट आधारित वसूली कानून व सरकारी आदेश के विपरीत है।