ट्रिपल अटैक की चपेट में मुंबई, टैंकर और BEST की हड़ताल और बेतहाशा गर्मी मार, मुंबईकर होंगे बेहाल
Water Crisis in Mumbai: पानी के टैंकरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से हाहाकार; बेस्ट ने भी दी चक्का जाम की चेतावनी, गर्मी ने किया बुरा हाल, आदित्य ठाकरे ने डिसेलिनेशन प्रोजेक्ट को लेकर साधा बीजेपी पर निश
- Written By: अनिल सिंह
पानी टैंकरों के बाद बेस्ट की अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी; गर्मी में मुंबईकर बेहाल (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
Mumbai Triple Attack Water Tanker and BEST Bus Strike Heatwave: मुंबई की झीलें और बांध पहले से ही कम जल स्तर की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण बीएमसी (BMC) ने पूरे शहर में पानी की कटौती लागू कर रखी है। इसी बीच, सेंट्रल ग्राउंड वॉटर अथॉरिटी (CGWA) के नए नियमों को ‘सख्ती और चुनिंदा’ तरीके से लागू करने के विरोध में मुंबई वॉटर टैंकर एसोसिएशन (MWTA) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि कुआं ऑपरेटरों को जारी नोटिसों और भारी जुर्माने के कारण उनका 80 साल पुराना यह व्यवसाय अब पूरी तरह संकट में है।
इस हड़ताल के कारण सबसे बड़ा झटका मुंबई की बड़ी-बड़ी निर्माण परियोजनाओं, झुग्गी बस्तियों, होटलों और बीएमसी के अस्पतालों की आवश्यक जलापूर्ति को लगने वाला है। पानी के इस गहरे संकट पर विपक्ष ने मौजूदा महायुति सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है।
आदित्य ठाकरे का सरकार पर हमला और डिसेलिनेशन प्रोजेक्ट का जिक्र
शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा कि मुंबई में कहने को तो 10% पानी की कटौती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ इलाकों में इससे कहीं ज्यादा भयावह है। उन्होंने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर बीजेपी सरकार ने साल 2022 में उनके डिसेलिनेशन प्रोजेक्ट (समुद्री पानी को मीठा बनाने की परियोजना) को रद्द नहीं किया होता, तो वह साल 2025 तक चालू हो जाता और आज मुंबईकरों को पानी के लिए तरसना नहीं पड़ता। ठाकरे ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय से इन नियमों में तुरंत हस्तक्षेप और ढील देने की मांग की है।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई में बंदूकों पर ‘नो एंट्री’; पुलिस ने रद्द किए 524 हथियार लाइसेंस, ढाई साल में सिर्फ 87 को हरी झंडी
भामरागढ़ में पुलिया निर्माण पर विवाद, व्यापारियों ने अनियमितता की जांच की मांग उठाई
वंदे भारत के बाद एक और कनेक्टिविटी, नागपुर-हैदराबाद यात्रियों को बड़ी सौगात; जल्द मिलेगी नई एक्सप्रेस ट्रेन
नागपुर: सिंदी स्टेशन पर हाई वोल्टेज ड्रामा, शौचालय की खिड़की तोड़कर बाहर निकला युवक; RPF ने किया काबू
ये भी पढ़ें- दादर प्लाजा के पास BEST की अनियंत्रित इलेक्ट्रिक बस ने कई वाहनों को रौंदा; 2 की मौत, 12 घायल
‘BEST’ बसों के थम सकते हैं चक्के, लेबर यूनियनों का बड़ा अल्टीमेटम
पानी के इस हाहाकार के बीच मुंबई की दूसरी सबसे बड़ी लाइफलाइन ‘बेस्ट’ (BEST) बस सेवा में भी एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बेस्ट के ट्रांसपोर्ट और बिजली विभागों की एडमिनिस्ट्रेटिव व फाइनेंशियल हालत लगातार खराब होने, और सबसे महत्वपूर्ण रूप से रिटायर्ड कर्मचारियों का बकाया एरियर न मिलने के कारण मजदूरों में भारी गुस्सा है। बेस्ट की 12 अलग-अलग लेबर यूनियनों ने मिलकर एक ‘एक्शन कमेटी’ का गठन किया है और अपनी मांगों को पूरा करने के लिए प्रशासन को 18 जून तक का अंतिम समय दिया है। कमेटी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में ठोस समाधान नहीं निकला, तो पूरे मुंबई में बेस्ट बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी जाएगी।
मानसून की बेरुखी और सीएम की हाई-लेवल मीटिंग
इस दोहरे प्रशासनिक संकट के बीच प्रकृति की मार भी मुंबई पर भारी पड़ रही है। आमतौर पर 10 जून तक मुंबई में दस्तक देने वाला मानसून 8 जून बीत जाने के बाद भी सक्रिय नहीं हुआ है, जिससे उमस और तापमान में कोई गिरावट नहीं आई है। इस बीच, प्रशासनिक मोर्चे पर स्थिति को संभालने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक अहम बैठक की। मुख्यमंत्री ने बेस्ट बस डिपो के आधुनिकीकरण और पुनर्विकास के मद्देनजर निर्देश दिए कि कोई भी नीति बनाते समय आम लोगों के हित और कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोपरि रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेस्ट को संकट से उबारना केवल एक संस्था की नहीं, बल्कि राज्य सरकार और बीएमसी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
