वर्ली सीफ्रंट पर बैठे लड़के-लड़कियों को मेयर रितु तावड़े ने उठाया, बढ़ती बारिश के बीच वहा ना बैठने की दी सलाह
Mayor Ritu Tawde Viral Video: मुंबई में भारी बारिश और हाई टाइड के अलर्ट के बीच वर्ली सीफ्रंट पर बैठे युवाओं को मेयर रितु तावड़े ने खुद मौके पर पहुंचकर हटाया। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया।
- Written By: गोरक्ष पोफली
मेयर रितु तावड़े (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mayor Ritu Tawde Removes Youths From Worli Seafront: मुंबई में मानसूनी बारिश का कहर लगातार जारी है और समंदर की उफनती लहरें खतरों की घंटी बजा रही हैं। प्रशासन की बार-बार दी जा रही चेतावनियों के बावजूद, लोग अपनी जान जोखिम में डालकर समंदर के किनारों पर पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए, मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने खुद मैदान में उतरकर मोर्चा संभाला।
शनिवार, 4 जुलाई 2026 की दोपहर को जब मुंबई महानगर क्षेत्र में मूसलाधार बारिश हो रही थी, ठीक उसी समय दोपहर 02:50 बजे समंदर में 4.26 मीटर हाई टाइड का अनुमान जताया गया था। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मेयर रितु तावड़े ने वर्ली स्थित ‘धर्मवीर स्वराज्य रक्षक छत्रपति संभाजी महाराज कोस्टल रोड’ इलाके का औचक निरीक्षण किया।
लहरों का मजा ले रहे थे लाेग
मेयर ने वहां जो देखा वह बेहद चिंताजनक था। भारी बारिश और प्रशासन व पुलिस द्वारा जारी बिना काम घर से बाहर न निकलने और समुद्र तट पर न जाने की सख्त हिदायतों को ठेंगा दिखाते हुए भारी संख्या में युवक-युवतियां और कई परिवार वहां घूम रहे थे। कई लोग तो असुरक्षित तरीके से मुंडेर पर बैठकर लहरों का मजा ले रहे थे। मेयर ने खुद आगे बढ़कर इन लोगों को वहां से हटाया और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जब समंदर की लहरें उफान पर हों, तो किनारे पर जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
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Amidst heavy rains Mumbai Mayor Ritu Tawde, today urged citizens against sitting along the seafront in Worli.#Mumbairains pic.twitter.com/YRP2rYOyxA — Richa Pinto (@richapintoi) July 4, 2026
प्रशासन का उद्देश्य और नेटिजन्स का वार
मेयर और प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना को रोकना था। हालांकि, मेयर रितु तावड़े के इस कदम की वीडियो और खबरें जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, नेटिजन्स दो गुटों में बंट गए। एक तरफ प्रशंसकों का कहना था कि मेयर का खुद जमीन पर उतरकर लोगों को समझाना उनकी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाता है। अगर कोई हादसा हो जाता, तो यही जनता प्रशासन को कोसती। लोगों ने मेयर की तारीफ की कि उन्होंने समय रहते युवाओं को संभावित खतरे से बचा लिया।
दूसरी ओर, आलोचकों ने मेयर और बीएमसी प्रशासन पर तीखे सवाल दागे। कई नेटिजन्स ने टिप्पणी करते हुए कहा, मैडम, सीफ्रंट पर आकर युवाओं को हटाने के बजाय, अगर आप शहर के बुझ चुके और कचरे से भरे नालों की सफाई पर ध्यान देंगी, तो मुंबई डूबेगी नहीं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि हर साल बारिश में सड़कें तालाब बन जाती हैं, उस वक्त प्रशासन नदारद रहता है, लेकिन सीफ्रंट पर फोटो खिंचवाने और लोगों को परेशान करने के लिए नेता सबसे पहले पहुंच जाते हैं।
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सुरक्षा बनाम बुनियादी ढांचा
यह घटना मुंबई की एक पुरानी बहस को फिर से जिंदा कर देती है। एक तरफ जहां नागरिक सुरक्षा के लिए प्रशासन की सख्ती जरूरी है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों की यह मांग भी जायज है कि प्रशासन केवल ऊपरी दिखावे के बजाय शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने पर काम करे। बहरहाल, मेयर रितु तावड़े की इस अपील ने इतना तो साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिन मुंबईकरों के लिए बेहद सतर्क रहने वाले हैं।
