ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai OC Rules: शहर में घर और इमारतों को मिलने वाले ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) को लेकर नए और आसान नियम जल्द ही लागू किया जाएगा।
पिछले बुधवार को बीएमसी के स्टैंडिंग कमिटी में ओसी का प्रस्ताव कमिटी अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे के द्वारा चर्चा के लिए नहीं लिया गया, लेकिन इस बुधवार यह चर्चा का विषय बन सकता है।
यह योजना खासतौर पर उन इमारतों के लिए लाई जा रही थी, जो 17 नवंबर 2016 से पहले बनी हैं, लेकिन अब तक उन्हें ओसी नहीं मिला है। Mumbai में ऐसी हजारों इमारतें हैं, जहां लाखों लोग बिना ओसी के रह रहे हैं। इससे उन्हें कई तरह की कानूनी और वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
प्रस्तावित योजना के तहत सोसायटियों को कुछ शर्तों के साथ ओसी लेने का मौका दिया जाना था। इसमें निर्धारित शुल्क और पेनल्टी भरकर नियमितीकरण की सुविधा देने की बात थी। साथ ही, शुरुआती अवधि में आवेदन करने पर पेनल्टी में छूट जैसे प्रावधान भी शामिल थे। छोटे फ्लैट्स को प्राथमिकता देने का भी सुझाव था।
ओसी के इन नियमों का मकसद आम लोगों को राहत देना है, लेकिन साथ ही अवैध और नियमों के खिलाफ किए गए निर्माण पर सख्ती भी बढ़ाई जाएगी। अब किसी भी इमारत को ओसी देने से पहले यह देखा के जाएगा कि उसका निर्माण तय नियमों अनुसार हुआ है या नहीं।
खासतौर पर एफएसआई (फ्लोर स्पेस इंडेक्स) और टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) का सही इस्तेमाल हुआ है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। अगर इमारत में ज्यादा लोग रहने वाले हैं, तो पार्किंग की व्यवस्था भी उसी हिसाब से होना जरूरी होगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि ओसी लेने से पहले सभी जरूरी एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) लेना अनिवार्य रहेगा।
अगर किसी प्रोजेक्ट में म्हाडा या यूएलसी से जुड़ी शर्तें पूरी नहीं हुई हैं, तो ऐसे मामलों को आगे राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि अब व्यक्तिगत घरों के लिए ओसी लेने की प्रक्रिया थोड़ी आसान की गई है।
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