मुंबई नाशिक हाईवे (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Nashik Highway: मुंबई-नाशिक हाईवे पर पिछले करीब 4 वर्षों से जाम झेल रहे वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है। ठाणे के माजीवाड़ा से वडपे तक चल रहा रोड वाइडनिंग प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
काम लगभग पूरा होने से न केवल इस व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले यात्रियों का सफर भी सुगम होने की उम्मीद है।
यह प्रोजेक्ट जून 2021 में महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल द्वारा शुरू किया गया था, जिसके तहत मुंबई-नाशिक हाईवे को चार लेन से बढ़ाकर आठ लेन किया जा रहा है।
वडपे से आगे का हिस्सा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा विकसित किया जा रहा है। माजीवाड़ा से वडपे के बीच कुल 28।80 किलोमीटर लंबे हिस्से में से मुख्य हाईवे का अधिकांश चौड़ीकरण पूरा हो चुका है और सर्विस रोड भी लगभग तैयार है।
अब तक 19.27 किलोमीटर मुख्य मार्ग और 16.10 किलोमीटर सर्विस रोड बनकर तैयार हो चुके हैं। शेष हिस्सों को मार्च के अंत तक खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इसी के साथ लंबे समय से चल रही निर्माण गतिविधियों के कारण लगने वाले जाम में बड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इस स्ट्रेच पर चार अहम पुलों का निर्माण भी प्रोजेक्ट का बड़ा हिस्सा रहा है। कलवा क्रीक ब्रिज का काम पूरा हो चुका है और इसे किसी भी दिन यातायात के लिए खोला जा सकता है। कासेली क्रीक ब्रिज और वडपे फ्लाईओवर भी अगले पखवाड़े में चालू होने की उम्मीद है, जबकि पिंपलनेर रेलवे ब्रिज का काम मार्च तक पूरा होने की बात कही जा रही है।
कुल स्ट्रेच: 28.80 किमी
मुख्य हाईवे तैयार: 19.27 किमी (81%)
सर्विस रोड तैयार: 16.10 किमी (88%)
कुल पुल: 4
अंडरपास: 10
ग्रामीण और शहरी कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए हाईवे पर कुल 10 अंडरपास बनाए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश मार्च तक तैयार हो जाएंगे, जबकि दिवा गांव और दिवा क्षेत्र के अंडरपास फरवरी के अंत तक खुलने की संभावना है।
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इसके अलावा, निर्माण लागत की भरपाई के लिए खारेगांव में 38 लेन का टोल प्लाजा भी प्रस्तावित है। फिलहाल इस 28।80 किलोमीटर के सफर में करीब दो घंटे तक लग जाते है। भिवंडी वेयरहाउसिंग हब से आने-जाने वाले भारी वाहनों के कारण स्थिति और खराब हो जाती है। काम पूरा होने के बाद यही दूरी कहीं कम समय में तय की जा सकेगी।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए अभिषेक पाठक की रिपोर्ट