मुंबई: मुहर्रम के जुलूस में पेन किलर बताकर जहरीली कैप्सूल बांट रहा था शख्स, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

Mumbai Muharram Poison Capsules: मुंबई के भायखला में मुहर्रम जुलूस के दौरान दर्द निवारक बताकर जहर की कैप्सूल बांटने वाले आरोपी फैयाज को भायखला पुलिस ने दबोचा।
Mumbai Muharram Poison Capsules Case
मुंबई में मुहर्रम के जुलूस में चूहे मारने वाली दवा कैप्सूल में भरकर बांट रहा था शख्स (डिजाइन फोटो)
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Mumbai Muharram Poison Capsules Case 2026: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के भायखला इलाके में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खौफनाक साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। भायखला पुलिस ने मुहर्रम के पवित्र मौके पर लोगों के बीच दर्द निवारक दवा बताकर जहरीली कैप्सूल बांट रहे एक शातिर आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में चूहे मारने वाले घातक जहर से भरी हुई करीब 14 हजार 900 कैप्सूल्स बरामद की हैं।

इस सनसनीखेज वारदात की खबर फैलते ही पूरे मुंबई और सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, अगर समय रहते आरोपी को दबोचा न गया होता, तो हजारों लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। पुलिस अब इस मामले के अंतरराष्ट्रीय कड़ियों और किसी बड़े आतंकी या कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े होने के एंगल से भी सघन जांच कर रही है।

30 हजार लोगों को निशाना बनाने का था टारगेट

एबीपी रिपोर्ट के मुताबिक मामले की जानकारी देते हुए मुंबई पुलिस के डीसीपी (DCP) जयंत मीणा ने बताया कि मुहर्रम के जुलूस की सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को एक शख्स बिना किसी आधिकारिक अनुमति या मेडिकल बैकग्राउंड के लोगों को मुफ्त में कैप्सूल बांटता हुआ दिखाई दिया, जिससे संदेह पैदा हुआ। इसी बीच सुबह के समय पुलिस को सूचना मिली कि जुलूस में शामिल एक व्यक्ति को अचानक गंभीर उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई है, जिसने वही कैप्सूल खाई थी।

पुलिस की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध को तुरंत हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने मुहर्रम के जुलूस में शामिल बड़ी आबादी को निशाना बनाने के लिए 30,000 जहरीली गोलियां तैयार करने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से वह 14,900 कैप्सूल बना चुका था।

पुणे का रहने वाला है आरोपी फैयाज

पुलिस कस्टडी में आरोपी की पहचान फैयाज के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पुणे का रहने वाला है और वहां पेंट का बिजनेस करता है। उसने पूछताछ में उगला कि इस बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए उसने व्यावसायिक इस्तेमाल के बहाने ऑनलाइन करीब 50 किलो 'जिंक फास्फाइड' (चूहे मारने वाला घातक जहर) ऑर्डर किया था।

वह पिछले कुछ दिनों से मुंबई के एक गुप्त ठिकाने पर छिपकर रह रहा था और हर खाली कैप्सूल के भीतर नापकर एक-एक ग्राम जहर भर रहा था। गनीमत यह रही कि आरोपी इन कैप्सूल्स को बड़े पैमाने पर डिस्ट्रीब्यूट नहीं कर पाया था और केवल चार लोगों को ही यह दवा दे सका था, जिन्हें समय पर इलाज मिल गया।

साल 2025 में इराक-ईरान की यात्रा

भायखला पुलिस और खुफिया एजेंसियों के होश तब उड़ गए जब आरोपी के ट्रैवल रिकॉर्ड्स खंगाले गए। जांच में सामने आया है कि आरोपी फैयाज साल 2025 में ईरान और इराक की यात्रा पर भी गया था। पुलिस को गहरा शक है कि इस खौफनाक साजिश के पीछे किसी विदेशी हैंडलर या कट्टरपंथी संगठन का हाथ हो सकता है, जिसने फैयाज का ब्रेनवाश कर उसे मुंबई में इस बड़ी वारदात के लिए तैयार किया।

हालांकि, पुलिस पकड़ में आने के बाद शुरुआती पूछताछ में आरोपी लगातार यह दावा कर रहा था कि वह केवल साधारण पेनकिलर बांट रहा था, लेकिन डॉक्टरों और फोरेंसिक टीम द्वारा कैप्सूल में जिंक फास्फाइड मिलने की पुष्टि के बाद उसका झूठ बेनकाब हो गया। फिलहाल, प्रभावित व्यक्ति की हालत स्थिर है और पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए रिमांड लेकर पूछताछ कर रही है।

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