Mumbai में निर्माण स्थलों पर मलेरिया केस दोगुने, बीएमसी की रिपोर्ट चिंताजनक
2025 में Mumbai में निर्माण स्थलों पर मलेरिया के मामले 2024 के 17 से बढ़कर 38 हो गए। समयपूर्व बारिश और बीएमसी की सघन स्क्रीनिंग से संक्रमण में तेज वृद्धि देखी गई; शहर में कुल मामले 6,000 पार हो गई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मलेरिया(सौ. सोशल मीडिया)
Malaria Cases In Mumbai: 2025 के मानसून के दौरान शहर के निर्माण स्थलों पर मिले मलेरिया के मामलों में दोगुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। बीएमसी के अनुसार, समय से पहले शुरू हुई बारिश और तेज की गई स्क्रीनिंग मुहिम इस बढ़ोत्तरी के प्रमुख कारण हैं।
बीएमसी के ए वार्ड अंतर्गत कोलाबा, फोर्ट और मरीन ड्राइव क्षेत्रों में निर्माण स्थलों से सबसे अधिक मलेरिया के मामले सामने आए हैं। बीएमसी के आंकड़ों के अनुसार फरवरी-मार्च और जून जुलाई में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान स्क्रीनिंग और संक्रमण दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। फरवरी 2025 में निर्माणाधीन स्थलों पर काम करने बाले 50 हजार 90 मजदूरों की जांच की गई। जिनमें 7 पॉजिटिव पाए गए।
दोगुने से अधिक मामले
जून 2025 में 51,138 मजदूरों में से 31 संक्रमित मिले। इसके मुकाबले 2024 में फरवरी-मार्च में 21,791 (7 पॉजिटिव) और जून-जुलाई में 36,499 (10 पॉजिटिव) मजदूरों की जांच हुई थी। कुल मिलाकर निर्माण स्थलों पर मलेरिया के मामले 2024 के 17 से बढ़कर 2025 में 38 हो गए, यानी दोगुने से भी अधिक। ए वार्ड में सबसे अधिक 738 मजदूरों की जांच में 4 पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद सी वार्ड (मरीन लाइन्स, कालबादेवी, चिरा बाजार) में 791 जांचों में 3 मामले मिले।
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शहरभर में मलेरिया के 6,000 से अधिक मामले
- 2025 में मुंबई में मलेरिया के कुल मामले 6,000 के पार पहुंच गए है। अधिकारियों के अनुसार, समयपूर्व और अत्यधिक बारिश ने मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल स्थितिया बनाई है।
- बीएमसी स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि निर्माण स्थलों पर निगरानी और विस्तृत स्क्रीनिंग के कारण संक्रमण के अधिक मामले सामने आए है।
- एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मलेरिया का कोई भी मामला मिलने पर बीएमसी आसपास के कम से कम 200 घरों का सर्वे करती है और तुरंत सीत नियंत्रण, एंटी-लार्बल ट्रीटमेंट, फॉगिंग और जागरूकता मुहिम शुरू करती है, ताकि बीमारी का प्रसार रोका जा सके।
