Mumbai: प्रभादेवी पुल हटाना जरूरी, लेकिन लोकल व्यवस्था को न्यूनतम प्रभावित करने की चुनौती

Prabhadevi Rail Bridge के 132 मीटर हिस्से के ध्वस्तीकरण के लिए प्रस्तावित 15 घंटे के मेगा-ब्लॉक से दादर–CSMT रूट पर 40 मेल/एक्सप्रेस व 1,250 लोकल सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है।
Prabhadevi Rail Bridge
प्रभादेवी रेल ब्रिज (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: प्रभादेवी रेल पुल को तोड़ने के लिए प्रस्तावित 15 घंटे के मेगा ब्लॉक ने सेंट्रल रेलवे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महारेल ने पुल बहाने के लिए 14 घंटे का ब्लॉक मांगा है, जबकि रेलवे को ओवरहेड इक्विपमेंट के काम के लिए लगभग एक अतिरिक्त घंटे की जरूरत है।

ऐसे में दादर सीएसएमटी के बीच चारों लाइनों को करीब 15 घंटे के लिए बंद करना भारी चुनौती साबित हो रहा है। इस पुल के 132 मीटर हिस्से के नीचे सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे की लाइनें गुजरती हैं। दोनों हिस्सों का विध्वंस अलग-अलग किया जाएगा, और सबसे पहले काम केंद्रीय रेलवे की ओर से शुरू होगा।

पुल के गर्डर्स और ओएचई वायर के बीच बेहद कम गैप होने के कारण पूरा रूट डेड पावर रखना पड़ेगा। यही कारण है कि ब्लॉक की योजना बनाना रेलवे के लिए बेहद पेचीदा हो गया है।

सेंट्रल रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यदि यह ब्लॉक लागू होता है तो करीब 40 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें और 1,250 लोकल सेवाएं प्रभावित होंगी। देश के विभिन्न हिस्सों से सीएसएमटी आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों को दादर या लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) पर डायवर्ट करना आसान नहीं होगा, क्योंकि इन स्टेशनों में इतनी क्षमता नहीं है।

रेलवे के सामने बड़ा सवाल

ब्लॉक के बाद भी कई दिनों तक परिचालन पर असर पड़ने की आशंका है, रेलवे अधिकारी प्रयास कर रहे है कि ब्लॉक ऐसे समय पर और ऐसी रणनीति के साथ लिया जाए कि मुंबई की उपनगरीय यात्रा न्यूनतम प्रभावित हो और लंबी दूरी के यात्रियों को भी परेशानी न हो।

ब्लॉक की विस्तृत योजना तैयार होते ही इसे रेलवे बोर्ड के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उसके बाद ही अंतिम तिथि निश्चित होगी। पुल का विश्वांस अत्यंत जरूरी है, क्योंकि संरचना पुरानी है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द हटाना आवश्यक है।। लेकिन शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेनें लंबे ब्लॉक की अनुमति देने से पहले हर पहलू पर गंभीरता से विचार कर रही है।

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