
आनंद तेलतुंबडे और नसीरुद्दीन शाह (सौ. डिजाइन फोटो )
Kala Ghoda Art Festival: कला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध काला घोड़ा आर्ट फेस्टिवल इस बार विवादों के कारण चर्चा में है। जानकारी के अनुसार, भीमा कोरेगांव हिंसा मामले के आरोपी आनंद तेलतुंबडे की पुस्तक ‘सेल एंड सोल: अ प्रिजनर्स मेमोइर’ पर होने वाली चर्चा को अंतिम समय में रद्द कर दिया गया।
यह कार्यक्रम 5 फरवरी को डेविड सैसून सार्वजनिक पुस्तकालय उद्यान में प्रस्तावित था। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि यह निर्णय सरकारी दबाव में लिया गया, हालांकि आयोजकों की ओर से इस पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
आनंद तेलतुंबडे ने कहा कि उनकी पुस्तक पहले ही प्रकाशित हो चुकी है और कई शहरों में इस पर सार्वजनिक चर्चाएं हो चुकी हैं। ऐसे में मुंबई में होने वाले कार्यक्रम को रद्द करने का फैसला उन्हें चौंकाने वाला लगा। सांस्कृतिक जगत के कुछ लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर भी सवाल उठाए हैं।
इसी बीच मुंबई विश्वविद्यालय भी विवादों में घिर गया है। बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने उन्हें एक कार्यक्रम के लिए आमंत्रित करने के बाद अंतिम समय में बिना स्पष्ट कारण बताए निमंत्रण वापस ले लिया। शाह के अनुसार, उन्हें 31 जनवरी की रात को सूचित किया गया कि उनकी उपस्थिति आवश्यक नहीं है, जबकि वे छात्रों से संवाद को लेकर उत्साहित थे।
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लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों ने मुंबई के सांस्कृतिक और शैक्षणिक माहौल को लेकर बहस छेड़ दी है। कई कलाकार और शिक्षाविद पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जबकि आयोजकों और संस्थानों से स्पष्ट स्पष्टीकरण की अपेक्षा जताई जा रही है।






