जनता की सुरक्षा से खिलवाड़: 100 मंजिल की इमारतें, पर फायर ब्रिगेड की पहुंच सिर्फ 34 मंजिल तक!
Mumbai Fire Brigade: मुंबई में 100 से अधिक मंजिलों की इमारतों को दी जा रही मंजूरी पर पूर्व उपमहापौर राजेश शर्मा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने फायर ब्रिगेड की सीमित क्षमता को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Mumbai High Rise Buildings: मुंबई के पूर्व उपमहापौर और महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखकर शहर में अत्याधिक ऊंची इमारतों को दी जा रही मंजूरी पर चिंता व्यक्त की है।
उन्होंने आरोप लगाया है कि मुंबई फायर ब्रिगेड की सीमित क्षमता के बावजूद 100 से अधिक मंजिलों वाली इमारतों को मंजूरी देना जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।
पत्र में बताया गया है कि मुंबई फायर ब्रिगेड के पास केवल 34 मंजिल तक आग बुझाने और बचाव कार्य करने की क्षमता है। विभाग द्वारा खरीदे जा रहे सबसे आधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म भी अधिकतम 104 मीटर यानी लगभग 34-35 मंजिल तक ही पहुंच सकते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
टूरिस्ट अट्रैक्शन बना नया ब्रिज, मिसिंग लिंक बना नया सेल्फी पॉइंट, 100 की रफ्तार पर जानलेवा फोटोबाजी
शक के चलते दोस्त का गला रेतने की कोशिश, पत्नी से अवैध संबंध के संदेह में हमला
पुणे में धर्मांतरण का विवाद, जीसस इज लॉर्ड चर्च पर भाजपा नेता गोपीचंद पाडलकर के गंभीर आरोप
भगूर में नमो उद्यान पर राष्ट्रवादी-शिवसेना दल आमने-सामने, राष्ट्रवादी (अजित) की नगराध्यक्ष प्रेरणा बलकवडे भडकी
मुंबई में मंजूर की गई खतरनाक परियोजनाएं
बडाला आइकॉनिक टॉवरः एमएमआरडीए के अधिकार क्षेत्र में प्रस्तावित यह इमारत 100 से अधिक मंजिल और 526 मीटर ऊंची होगी,
महालक्ष्मी रेसकोर्स पुनर्विकासः इस परियोजना में 125 मंजिला आवासीय टॉवर (लगभग 486 मीटर) शामिल है।
कानूनी उल्लंघन का आरोप
राजेश शर्मा ने आरोप लगाया है कि ये मंजूरियां महाराष्ट्र अग्नि निवारण और जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के वैधानिक प्रावधानों का उल्लघन करती है। उन्होंने कहा कि बीएमसी और राज्य सरकार फायर विभाग की अक्षमता से अनजान नहीं हो सकते।
क्योंकि यह रिकॉर्ड में है। इस प्रकार हर नई अति-ऊंची इमारत की मंजूरी न केवल त्रुटिपूर्ण है, बल्कि अनैतिक और संभावित रूप से आपराधिक है।
यह भी पढ़ें:-मुंबई-नवी मुंबई एयरपोर्ट को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन-8 को हरी झंडी, हवाई यात्रियों को बड़ी राहत
पत्र में उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए तीन प्रमुख मांगे रखी गई हैं। 34 मंजिल से ऊंची सभी इमारतों की मंजूरी तब तक निलंबित करें जब तक अग्निशमन क्षमताओं में सुधार न हो जाए, वर्तमान फायर रिस्पांस सीमा से अधिक प्रस्तावों पर रोक लगाई जाए।
