Kanjurmarg Dumping Ground: प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम पर कोर्ट की फटकार, BMC और सरकार से मांगा जवाब
Kanjurmarg Dumping Ground Issue: मुंबई उच्च न्यायालय ने कांजुरमार्ग डंपिंग साइट पर बढ़ते प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम को लेकर सरकार और BMC को फटकार लगाई है और स्थल बंद करने की चेतावनी दी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
बॉम्बे हाई कोर्ट डंपिंग ग्राउंड वॉर्निंग (सौ. सोशल मीडिया )
Bombay High Court Kanjurmarg Dumping Ground: मुंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उपनगर कांजुरमार्ग स्थित कचरा फेंकने के स्थल को बंद करने का आदेश देने की चेतावनी दी तथा क्षेत्र में प्रदूषण एवं स्वास्थ्य जोखिम को लेकर ‘ढीला-ढाला’ रवैया अपनाने के लिए राज्य सरकार और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को आड़े हाथ लिया।
न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आरती साठे की पीठ ने राज्य सरकार और बीएमसी को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के उल्लंघन की बात स्थापित होती है, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अदालत ने कहा कि अब समय आ गया कि हम मानव जीवन की कद्र करें। हम विस्तृत आदेश पारित करेंगे। इस कचरे के पहाड़ को बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
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मीथेन गैस स्वास्थ्य के लिए अधिक हानिकारक
- अदालत इस मामले में दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें कचरा फेंकने के स्थल के आसपास रहने वाले लोगों के लिए प्रदूषण, लगातार दुर्गंध, गैस उत्सर्जन और स्वास्थ्य जोखिम को लेकर चिंता जताई गई है।
- पीठ ने कचरा स्थल से निकलने वाली मीथेन गैस का जिक्र करते हुए कहा कि यह कार्बन डाई-ऑक्साइड की तुलना में कहीं अधिक हानिकारक है। पीठ ने कहा कि इस प्रकार के गैस उत्सर्जन के दुष्परिणामों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अधिकारियों के कुप्रबंधन का परिणाम है।
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समस्या के समाधान के लिए अपनाएं वैज्ञानिक उपाय
- अदालत ने अधिकारियों को उपलब्ध शोध पत्रों का अध्ययन करने और इस समस्या के निदान के लिए वैज्ञानिक उपाय अपनाने का सुझाव दिया। पीठ ने कहा कि दशकों से अपनाए जा रहे अस्थायी उपाय कोई परिणाम नहीं दे सके हैं और इस स्थल को सबसे खराब डंपिंग ग्राउंड करार दिया।
- अदालत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। पीठ ने सरकार और नगर निकाय को प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा हलफनामे के रूप में पेश करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई सोमवार के लिए तय की।
