मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई को लेकर संजय निरुपम का हमला, 10 जून तक आईकार्ड जारी करने की मांग

Mumbai Hawkers Issue: मुंबई में फेरीवालों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर संजय निरुपम ने बीएमसी प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने पात्र फेरीवालों को पहचान पत्र की अनुमति देने की मांग की है।
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मुंबई हॉकर्स इश्यू पर बोलते हुए पूर्व सांसद संजय निरुपम (सौ. एक्स)
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Mumbai Hawkers Issue Sanjay Nirupam News: मुंबई में फेरीवालों के मुद्दे और हाल ही में आए मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश को लेकर पूर्व सांसद संजय निरुपम ने मुंबई बीएमसी प्रशासन पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर वर्षों से मुंबई में व्यवसाय कर रहे मराठी, उत्तर भारतीय और गुजराती फेरीवालों को निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने मांग की कि 10 जून तक सभी पात्र फेरीवालों को पहचान पत्र (आईकार्ड) और क्यूआर कोड जारी कर उन्हें सम्मानपूर्वक व्यवसाय करने की अनुमति दी जाए।

मुंबई में 1 लाख 30 हजार फेरीवाले पात्र घोषित

पत्रकार परिषद में बोलते हुए संजय निरुपम ने कहा कि वर्ष 2014 में पारित फेरीवाला कानून के तहत फेरीवालों का सर्वेक्षण कर उन्हें पात्र घोषित करने का प्रावधान था। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से वह इस विषय का लगातार अनुसरण कर रहे हैं, लेकिन वर्ष 2026 आने के बावजूद यह कानून पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। 23 मार्च 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार, मुंबई में 1 लाख 30 हजार फेरीवाले पात्र घोषित किए गए है। न्यायालय ने अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, लेकिन पात्र फेरीवालों को व्यवसाय करने की अनुमति भी दी है। इसके बावजूद मनपा प्रशासन पात्र फेरीवालों पर भी अंधाधुंध कार्रवाई कर रहा है, जो न्यायालय के आदेश की अवमानना है।

मराठी बनाम गैर-मराठी का विषय नहीं

निरुपम ने कहा कि यह मराठी बनाम गैर-मराठी का विषय बिल्कुल नहीं है। मुंबई के कुल फेरीवालों में 40 प्रतिशत से अधिक मराठी भाषी हैं। वर्तमान में उत्तर भारत और गुजरात से आए फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए पूछा कि अब तक कितने बांग्लादेशी फेरीवालों को पकड़ा गया है और उनके नाम सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि बोरीवली के एक विधायक ने बांग्लादेशियों के नाम पर एक स्थानीय मराठी व्यक्ति का व्यवसाय बंद कराया, जबकि इस मामले में केवल लीपापोती की गई। मुंबई के फेरीवालों के प्रतिनिधियों ने मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे से मुलाकात की।

केवल 20 स्थान ही 'नो-फेरीवाला जोन'

प्रशासन को चेतावनी देते हुए निरुपम ने कहा कि 10 जून तक सभी पात्र फेरीवालों को आईकार्ड और क्यूआर कोड उपलब्ध कराए जाएंगे। इन आई कार्डों पर किसी विशेष क्षेत्र का पता दर्ज नहीं होगा। अगले दो महीनों में 'टाउन वेंडिंग कमेटी' के गठन की प्रक्रियों भी पूरी कर ली जाएगी, जिससे पात्र फेरीवालों का व्यवसाय सुचारु रूप से चल सकेगा।

उन्होंने कहा कि मुंबई में केवल 20 स्थान ही 'नो-फेरीवाला जोन' हैं और इसे वे स्वीकार करते हैं। निरुपम के अनुसार, जब पात्र फेरीवालों को आधिकारिक रूप से बैठने और व्यवसाय करने की अनुमति मिल जाएगी, तब प्रशासन में होने वाली कथित हफ्ताखोरी भी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।

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