संजय निरुपम (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai Hawkers Action Controversy 2026: मुंबई में फेरीवालों के खिलाफ चल रही कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
शिवसेना शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने बीएमसी और पुलिस प्रशासन से अपील की है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम पर वैध फेरीवालों को परेशान न किया जाए।
मुंबई मराठी पत्रकार संघ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में निरुपम ने कहा कि 23 मार्च 2026 को मुंबई हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को संतुलित और न्यायपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीएमसी में भाजपा की सत्ता आने के बाद से बांग्लादेशी हॉकरों के नाम पर कार्रवाई तेज हुई है, लेकिन इसके दायरे में वैध और अधिकृत फेरीवाले भी आ रहे हैं। उन्होंने पुलिस से पिछले दो महीनों में की गई कार्रवाई के ठोस आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
निरुपम ने कहा कि यदि वास्तव में गैर-कानूनी बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करनी है, तो केवल सड़क किनारे व्यापार करने वालों पर ध्यान केंद्रित करना पर्याप्त नहीं होगा। इसके बजाय लेदर, टेक्सटाइल, जरी उद्योग और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों की भी व्यापक जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि कार्रवाई करते समय वैध और अवैध के बीच स्पष्ट अंतर किया जाए, ताकि निर्दोष लोगों को अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े।
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यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह कानून का पालन करते हुए सभी पक्षों के साथ न्याय सुनिश्चित करे और शहर में संतुलन बनाए रखे।