अमरावती शहर में आंगनवाड़ी पोषण आहार में बड़ी लापरवाही: न्यूट्रिशन बार में मिली जिंदा इल्ली, मचा हड़कंप

Amravati Anganwadi Nutrition News: आंगनवाड़ी में बांटे गए न्यूट्रिशन बार में जिंदा इल्ली मिलने से हड़कंप मच गया। जांच में लापरवाही की पुष्टि के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
Major Negligence in Anganwadi Nutritional Diet in Amravati City: Live Caterpillar Found in Nutrition Bar, Sparks Uproar
आंगनवाड़ी आहार, पोषण बार विवाद,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Published on
Updated on

Amravati Anganwadi Bar Issue: अमरावती शहर में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े आंगनवाड़ी आहार वितरण में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। तहसील के दहिगांव रेचा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को वितरित किए गए मिक्स फ्रूट मिलेट न्यूट्रिशन बार में जिंदा इल्ली मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग हरकत में आया और तत्काल जांच प्रक्रिया शुरू की गई। इस मामले ने बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दहिगांव रेचा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों को नियमित पोषण आहार के तहत मिक्स फ्रूट मिलेट न्यूट्रिशन बार वितरित किए गए थे। इसी दौरान कुछ अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने पैकेट खोलने पर उसमें जिंदा इल्ली होने का दावा किया। देखते ही देखते यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

न्यूट्रिशन बार में इल्ली की पुष्टि, जांच से मचा हड़कंप

मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया। विभागीय अधिकारियों ने संबंधित आंगनवाड़ी केंद्र और रामगांव केंद्र का दौरा कर मौके पर प्रत्यक्ष जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों ने कथित रूप से न्यूट्रिशन बार में इल्ली होने की पुष्टि की, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया।

बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े इस संवेदनशील मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार में इस तरह की लापरवाही बेहद गंभीर है और इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है।

मामले को उजागर करने में पक्षीमित्र अरुण शेवाणे की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। उन्होंने इस संबंध में उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी से शिकायत कर निकृष्ट दर्जे का पोषण आहार सप्लाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। लगातार प्रयासों और शिकायतों के बाद प्रशासन ने जांच शुरू की।

आंगनवाड़ी पोषण आहार पर सवाल, सप्लाई और गुणवत्ता जांच शुरू

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि संबंधित पोषण आहार की आपूर्ति अप्रैल महीने में नागपुर जिले की एक कंपनी द्वारा की गई थी। हालांकि अधिकारियों ने कंपनी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन सप्लाई प्रक्रिया और गुणवत्ता मानकों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ पैकेटों पर आवश्यक गुणवत्ता प्रमाणन चिन्ह (क्वालिटी सर्टिफिकेशन मार्क) तक मौजूद नहीं थे, जिससे संपूर्ण सप्लाई सिस्टम की पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण पर सवाल उठने लगे हैं।

घटना के बाद अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कई अभिभावकों ने मांग की है कि बच्चों को वितरित किए गए सभी न्यूट्रिशन बार तत्काल वापस लेकर बदले जाएं और दोषी आपूर्तिकर्ताओं तथा संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

वहीं प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध न्यूट्रिशन बार के नमूने आगे की तकनीकी और गुणवत्ता जांच के लिए वरिष्ठ कार्यालय भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

Navbharat Live
navbharatlive.com