जल जीवन मिशन की कई योजनाएं अधूरी, विधानसभा में उठा मुद्दा, फंड जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन

Jal Jeevan Mission Maharashtra: महाराष्ट्र में जल जीवन मिशन की कई जल आपूर्ति योजनाएं फंड की कमी के कारण अधूरी हैं। विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए मंत्री गुलाबराव पाटिल ने फंड मिलने की उम्मीद की।
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Gulabrao Patil Statement Assembly (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Assembly: राज्य में जल जीवन मिशन के तहत कई जल आपूर्ति योजनाएं फंड की कमी के कारण अधूरी पड़ी हैं। इन परियोजनाओं में हो रही देरी का मुद्दा सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में उठाया गया। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य भर में कुल 51,560 जल आपूर्ति योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से 26,499 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 25,061 योजनाओं का काम अभी जारी है।

राज्य के जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल ने विधानसभा में बताया कि अधूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त फंड की मांग की जा रही है। इस विषय पर सवाल सुभाष देशमुख ने विधानसभा में उठाया था। जवाब देते हुए मंत्री गुलाबराव पाटिल ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत कई योजनाएं अलग-अलग चरणों में प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि 75 से 99 प्रतिशत प्रगति वाली 6,409 योजनाओं को पूरा करने के लिए लगभग 12,186 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।

योजना की अवधि बढ़ाई गई

वहीं 51 से 75 प्रतिशत प्रगति वाली 8,324 योजनाओं के लिए करीब 12,650 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसके अलावा 26 से 50 प्रतिशत प्रगति वाली योजनाओं पर अब तक लगभग 1,782 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और इन्हें पूरा करने के लिए करीब 5,422 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।

मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अंतिम अवधि बढ़ाकर दिसंबर 2028 तक कर दी है। साथ ही देशभर के लिए इस योजना का कुल फंड 3,59,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8,69,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

राज्य को 16 हजार करोड़ मिलने की उम्मीद

  • मंत्री पाटिल के अनुसार, महाराष्ट्र को इस योजना के तहत कुल फंड का लगभग दो प्रतिशत हिस्सा मिलने की उम्मीद है। इसके तहत राज्य को केंद्र सरकार से लगभग 16,000 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।
  • उन्होंने बताया कि केंद्र से फंड मिलने का इंतजार किए बिना राज्य सरकार ने अब तक 4,800 करोड़ रुपये जारी कर बकाया भुगतान करने का निर्णय लिया है।
  • मंत्री ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में केंद्र सरकार के साथ मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फंड जारी होने की उम्मीद है।
  • सरकार ने फैसला किया है कि 75 से 99 प्रतिशत और 50 से 75 प्रतिशत प्रगति वाली योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
  • इस मुद्दे पर विधानसभा में हुई चर्चा में संजय गायकवाड़, शेखर निकम, रत्नाकर गुट्टे, भास्कर जाधव, तानाजी मुतकुले, समीर मेघे, नारायण कुचे और डॉ. किरण लहामटे ने भाग लिया।
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