चीन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट अब नागपुर में! सीएम फडणवीस ने सोलर इनगॉट प्लांट का किया भूमिपूजन

Waaree Energies Nagpur: नागपुर बनेगा दुनिया का सौर केंद्र! सीएम फडणवीस ने किया 'वारी एनर्जीज' के ₹30,000 करोड़ के प्रोजेक्ट का भूमिपूजन। चीन को मिलेगी टक्कर, बिजली दरों में होगी कटौती।
CM Devendra Fadnavis performs Bhumi Pujan for Waaree Energies' 10GW integrated solar plant in Nagpur. A ₹30,000 Cr investment making Nagpur a global solar hub.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया 'वारी एनर्जीज' का भूमिपूजन (सौजन्य-नवभारत)
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Devendra Fadnavis Solar Hub: नागपुर में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सिटी ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। अतिरिक्त बुटीबोरी औद्योगिक क्षेत्र में वारी एनर्जीज लिमिटेड द्वारा स्थापित किए जा रहे देश के सबसे बड़े 10 गीगावाट एकीकृत इनगॉट और वेफर उत्पादन संकुल का भूमिपूजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों संपन्न हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह प्रोजेक्ट न केवल नागपुर को सौर ऊर्जा के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगा, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू आपूर्ति शृंखला को भी मजबूती प्रदान करेगा । देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से बिजली की दरों में 9% से अधिक की कमी आएगी। साथ ही थर्मल पावर से होने वाले प्रदूषण को रोकने में यह मील का पत्थर साबित होगा।

'मुख्यमंत्री सौर योजना' के तहत राज्य में 16,000 मेगावाट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 5,000 मेगावाट का काम पूरा हो चुका है। सरकार सभी किसानों को सौर ऊर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 7 बड़े सौर प्रोजेक्ट मंजूर किए हैं, जिनमें से 4 अकेले महाराष्ट्र में हैं। इनमें से 3 का भूमिपूजन हो चुका है।

दावोस में हुए समझौतों और ऐसे बड़े निवेशों के माध्यम से महाराष्ट्र 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है।

प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:

  • बड़ा निवेश: इस परियोजना में कुल 30,000 करोड़ रुपये का निवेश अपेक्षित है। पहले चरण में 6,200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 300 एकड़ भूमि पर काम शुरू हो रहा है।
  • रोजगार के अवसर: इस प्लांट के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से 2,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धा: चीन के बाद यह दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत प्रोजेक्ट्स में से एक होगा। अब तक इनगॉट और वेफर का बड़े पैमाने पर उत्पादन चीन में होता था, लेकिन अब नागपुर इसका प्रमुख केंद्र बनेगा।
  • समयसीमा: वारी एनर्जीज के अध्यक्ष हितेश दोशी ने आश्वासन दिया है कि यह प्रोजेक्ट अगले 18 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

इस कार्यक्रम में वित्त एवं योजना राज्य मंत्री आशीष जायसवाल, गृह राज्य मंत्री डॉ. पंकज भोयर, वारी एनर्जी के अध्यक्ष हितेश दोशी, सांसद श्यामकुमार बर्वे, पूर्व सांसद अजय संचेती सहित उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में दोशी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें मुख्यमंत्री की छवि वाली एक विशेष सोलर फोटो फ्रेम भेंट की।

चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर दोशी ने कहा कि भारत की क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन केवल रिन्यूएबल डिप्लॉयमेंट से ही नहीं, बल्कि सोलर वैल्यू चेन में मजबूत घरेलू विनिर्माण क्षमताओं के निर्माण से भी संचालित होगी। नागपुर में एकीकृत इनगॉट और वेफर सुविधा का भूमिपूजन भारत के अपस्ट्रीम सोलर मैन्‍युफैक्‍चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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