Central Railway emergency medical room :मुंबई में मध्य रेलवे के 10 और उपनगरीय स्टेशनों पर जल्द इमरजेंसी मेडिकल रूम शुरू किए जाएंगे, जिससे लोकल ट्रेन यात्रियों को आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता मिलेगी और रेलवे की आय भी बढ़ेगी। (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Suburban Railway Stations Healthcare: मुंबई लोकल एवं अन्य यात्री ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को तत्काल चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए मध्य व पश्चिम रेलवे के कई उपनगरीय स्टेशनों पर इमरजेंसी मेडिकल रूम की आवश्यकता महसूस की जा रही है। मुंबई में यात्रा के रेल यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को मुफ्त जांच व इलाज की सुविधा मिले,इसके लिए स्टेशनों पर ईएमआर व्यवस्था का आदेश हाइकोर्ट ने दिया था। जिस पर अमल करते हुए रेलवे ने कई स्टेशनों पर शुरुआत भी की परंतु कोरोना के बाद अधिकांश ईएमआर बंद हो गए।
मध्य रेल मुंबई मंडल के वाणिज्य विभाग के अनुसार मुंबई मंडल के अंतर्गत आने वाले उपनगरीय स्टेशनों पर ईएमआर स्थापित करने की प्रक्रिया जारी हैं। इसका प्राथमिक उद्देश्य दुर्घटनाओं, बीमारियों या अन्य आपात स्थिति में यात्रियों व रेलवे कर्मचारी को को भी प्राथमिक उपचार मिल सके। भायखला, कल्याण और वाशी स्टेशनों पर ईएमआर पहले से ही कार्यरत हैं। इसके साथ 10 और स्टेशनों के लिए अनुबंध दिए जा चुके हैं, जिनमें कलवा, टिटवाला और कर्जत पहले से ही कार्यरत हैं।
बाकी सात स्टेशनों लोकमान्य तिलक टर्मिनस, कुर्ला, घाटकोपर, ठाणे, मुंब्रा, मानखुर्द और चेंबूर के लिए भी ईएमआर मंजूर किए गए हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट समीर जवेरी ने इस मामले में रेलवे का ध्यान आकर्षित करते हुए कई पत्राचार भी किया था। समीर जवेरी ने बताया कि उक्त प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर इमरजेंसी मेडिकल रूम शुरू होने से न सिर्फ यात्रियों को चिकित्सा मदद मिलेगी, बल्कि रेलवे को प्रति वर्ष 40 लाख से ज्यादा की आय लायसेंस फी के रूप में होगी। वैसे ईएमआर के लिए मुंबई मंडल के 44 स्टेशनों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू होने जी जानकारी दी गई है।
इन आपातकालीन चिकित्सा केंद्रों (ईएमआर) में जरूरी जीवन रक्षक उपकरण, ऑक्सीजन आपूर्ति, स्ट्रेचर और दवाइयां उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निजी चिकित्सा सेवा संस्थाओं की है। यहां योग्य डॉक्टरों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मियों द्वारा चौबीसों घंटे सेवाएं प्रदान की जाती हैं। इसके साथ पोर्टेबल प्रयोगशाला,मेडिकल स्टोर और एम्बुलेंस सुविधा भी उपलब्ध करानी पड़ती है।
उल्लेखनीय है कि मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली मध्य व पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेनों से रोजाना 80 लाख लोग सफर करते हैं। ट्रेनों में भारी भीड़ एवं अन्य कारणों की वजह से रोजाना कई यात्री दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। उपनगरीय स्टेशनों पर आपातकालीन परिस्थिति में यात्रियों और रेल कर्मचारियों को भी तत्काल प्राथमिक उपलब्ध कराने यानी ईएमआर शुरू किए जाने का निर्णय हाईकोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया था।
ये भी पढ़े: 2.73 करोड़ खर्च के बाद भी अधूरा सोलर प्रकल्प, अर्जुनी-मोरगांव जलापूर्ति योजना पर उठे सवाल
लेकिन कोरोनाकाल एवं उसके बाद अधिकांश ईएमआर विभिन्न कारणों से बंद होते गए। इस समय मध्य रेलवे के लगभग 90 उपनगरीय स्टेशनों में से मात्र 6-7 स्टेशनों,जबकि वेस्टर्न रेलवे के 30 उपनगरीय स्टेशनों में से मात्र 14 से 15 स्टेशनों पर ईएमआर सेवाएं शुरू हैं। मध्य व पश्चिम रेलवे के और उपनगरीय स्टेशनों पर ईएमआर सेवाएं शुरू करने की मांग हो रही है।