चोरी की गई पिस्टल (सोर्स: IANS)
Mumbai Army Headquarters Theft: मुंबई में सेना के दक्षिणी कमान मुख्यालय (आर्मी हेडक्वार्टर) में एक कर्नल के केबिन से उनकी सर्विस पिस्टल, 9 कारतूस और 3 लाख रुपए चोरी करने के आरोप में तीन शातिर चोर गिरफ्तार किए गए हैं। वारदात के बाद आरोपी चोरी के माल से गोवा में मौज-मस्ती कर रहे थे।
मुंबई में सेना के दक्षिणी कमान मुख्यालय में यह गंभीर चोरी की घटना सामने आई थी। चोरों ने कर्नल के केबिन का ताला तोड़कर उनकी सर्विस पिस्टल, 9 कारतूस, साढ़े चार सौ ग्राम चांदी के बर्तन और 3 लाख रुपए नकदी चुरा ली थी।
क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपी बेहद चालाक हैं। आर्मी मुख्यालय जैसे हाई-सिक्योरिटी जोन में घुसना आसान नहीं था, लेकिन मुख्य आरोपी ने पहले आर्मी कैंप के आसपास रेकी की थी। उसे मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर कड़ी का पता था। योजना के तहत, बदमाशों ने पीछे के रास्ते का पता लगाया और रात के अंधेरे में मुख्यालय में घुसे।
जांच में यह भी पता चला कि वारदात वाले दिन दो आरोपी मुख्यालय में घुसे थे, जबकि एक बाहर पहरा दे रहा था। बदमाशों ने केबिन का ताला चाबी से खोला था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वारदात में असली या डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल किया गया था। क्राइम ब्रांच ने फिलहाल यह साफ किया है कि यह आंतरिक मिलीभगत नहीं है।
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद, तीनों आरोपी चोरी का माल लेकर गोवा फरार हो गए। गोवा में चोरी के पैसे से उन्होंने खूब मौज-मस्ती की, लग्जरी होटल में ठहरे और शराब-कबाब का लुत्फ उठाया। चार दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-12 ने इन तीनों आरोपियों को मलाड में एक किराए के मकान से गिरफ्तार कर लिया।
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ये सभी आरोपी कुरार इलाके के रहने वाले हैं और लंबे समय से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। कुरार पुलिस स्टेशन में इनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने तलाशी में कर्नल की पिस्टल, सभी कारतूस, चांदी के बर्तन और बचा हुआ कैश बरामद कर लिया है।
आर्मी मुख्यालय से हथियारों की चोरी की इस घटना ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हथियारों की चोरी न सिर्फ संस्थान की विश्वसनीयता पर बट्टा लगाती है, बल्कि आतंकी संगठनों के हाथों में हथियार पहुंचने का खतरा भी पैदा करती है। इस घटना के बाद, सेना ने तत्काल आंतरिक जांच शुरू कर दी है और अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रही है।
(एजेंसी नइपुट के साथ)