Mumbai में बढ़ता प्रदूषण, बीएमसी ने 9,155 कारण बताओ और 3,770 स्टॉप-वर्क नोटिस भेजे

Mumbai में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बीएमसी ने 9,155 कारण बताओ और 3,770 स्टॉप-वर्क नोटिस जारी किए। 683 निर्माण प्रोजेक्ट्स पर AQI सेंसर लगाए गए, जबकि एमपीसीबी ने 5 मोबाइल वैन उपलब्ध कराई हैं।
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बृहन्मुंबई महानगर पालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai News In Hindi: शहर में तेजी से वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है, कई इलाकों में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 200 के पार था। ऐसे में बीएमसी विभिन्न उपायों को अपना रही है, ताकि प्रदूषण कंट्रोल में रहे।

वहीं निर्माणाधीन स्थलों पर वायु प्रदूषण संबंधित नियमों की धज्जियां उड़ाने के मामले में बीएमसी जनवरी से लेकर नवंबर के बोच 9 हजार से अधिक निर्माणाधीन स्थलों को शो कॉज नोटिस (कारण बताओ) नोटिस जारी किया है। यही नहीं बल्कि 3700 से अधिक साइट्स को स्टॉप वर्क (काम रोको) नोटिस जारी किया गया है।

नियम तोड़ा तो कारण बताओ नोटिस

बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि, निर्माणाधीन स्थलों पर वायु प्रदूषण संबंधित नियमों का पालन करना पड़ता है। शहर में अभी 3500 से अधिक निर्माणाधीन साइट्स है जिसमें निजी संस्थान व सरकारी संस्थान जैसे एमएमआरडीए म्हाडा, व एसआरए आदि शामिल है, सभी के लिए नियम समान है। अगर कोई नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। अगर इसके बाद भी वहां वायु प्रदूषण बढ़ता है तो काम रोको नोटिस जारी किया जाता है। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर तक शहर के विभिन्न निर्माण स्थलों पर 9 हजार 155 कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा 3770 स्टॉप वर्क नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, जो निर्माणाधीन स्थल नोटिस जारी होने के बाद नियमों का पालन किया, उनका नोटिस रद्द कर दिया गया।

मनपा क्षेत्र में 1,954 निर्माणाधीन प्रॉजेक्ट

बीएमसी के अधिकार क्षेत्र में कुल 1,954 निर्माणाधीन प्रॉजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें से 683 प्रॉजेक्ट्स में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सेंसर्स लगाए जा चुके हैं। हालांकि, अभी तक 561 प्रॉजेक्ट्स का डेटा ही केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के सर्वर से लिंक हो पाया है। इनमें से 415 प्रॉजेक्ट्स की रीडिंग सर्वर पर दिखाई देने लगी है, जबकि 84 प्रॉजेक्ट्स में तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने पर काम जारी है।

146 प्रोजेक्ट को सर्वर से जोड़ा जाएगा

  • 146 और प्रॉजेक्ट्स को सर्वर से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों के अनुसार, शेष प्रॉजेक्ट्स में भी जल्द सेंसर्स लगाने की दिशा में काम हो रहा है।
  • प्रत्येक प्रॉजेक्ट में एक एक्यूआई सेंसर लगाने में लगभग 4 लाख रुपये खर्च आते हैं।
  • पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि किसी भी प्रॉजेक्ट ओनर या सरकारी संस्था को सेंसर लगाने में परेशानी नहीं आनी चाहिए, यदि कोई कठिनाई होती है तो विभाग हर संभव सहायता देगा।

एमपीसीबी ने बढ़ाया मदद का हाथ

वर्तमान में बीएमसी के पास सिर्फ एक मोबाइल एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग वैन है, जबकि चार नई वैन के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इस बीच एमपीसीबी ने अपनी 5 मोबाइल वैन बीएमसी को आवश्यकता अनुसार उपलब्ध कराने की पेशकश की बीएमसी अधिकारियों ने कहा कि है। इससे शहर में प्रदूषण नियंत्रण की क्षमता बढ़ेगी। पिछले साल दिसंबर में भायखला में प्रदूषण बढ़ने पर निर्माण कार्य रोकना पड़ा था, जिसे अतिरिक्त वैन होने से टाला जा सकता था।

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