मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train News: पीएम नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट कहे जाने वाले मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर नए अपडेट सामने आ रहे हैं। नेशनल हाईस्पीड रेल कॉर्पोरेशन द्वारा जापान के सहयोगी से शुरू बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के पहले चरण को 2027 तक शुरू करने की योजना है। बुलेट ट्रेन का काम जमीन के ऊपर से भूमिगत और पानी के नीचे पाताल तक हो रहा है।
मुंबई के बीकेसी से अहमदाबाद तक 508 किमी के बुलेट ट्रेन (Bullet Train) मार्ग पर भारत की पहली अंडर सी टनेल का काम भी शुरू हो चुका है। ठाणे में समुद्री खाड़ी के नीचे लगभग 7 किमी की इस सुरंग के लिए विदेश से विशालकाय टीबीएम मशीन भी मंगाई गई है। एक तरह से बुलेट ट्रेन का काम जमीन के नीचे और पानी के नीचे से लेकर जमीन के ऊपर एलिवेटेड रूप में भी किया जा रहा है। पानी के नीचे पाताल में भी बुलेट ट्रेन 330 किमी की रफ़्तार से दौड़ेगी।
नेशनल हाई-स्पीड रेल के सी-2 पैकेज के तहत बुलेट ट्रेन के लिए बीकेसी से ठाणे के शिलफाटा तक 21 किमी लम्बी सुरंग का निर्माण तेज गति से हो रहा है। भारतीय इंजीनियरिंग के एक और मार्वेल के रूप में इसका निर्माण स्वदेशी कंपनी अफकॉन्स इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा है।
जिसमें भारत की पहली अंडरसी हाई स्पीड रेल सुरंग (7 किमी) भी शामिल है। यह सुरंग भी जमीनी स्तर से करीब 25 से 65 मीटर गहरी होगी। सबसे गहरा निर्माण शिलफाटा के पास पारसिक पहाड़ी से 114 मीटर नीचे किया जा रहा है।बताया गया कि जमीन के नीचे लगभग 5 किमी की दूरी तक सुरंग खोदी जा चुकी है।
पिछले दिनों रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजना से संबंधित जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (Bullet Train) परियोजना के अंतर्गत 300 किमी से अधिक वायाडक्ट निर्माण पूरा हो चुका है। पियर निर्माण, ट्रैक बिछाने और स्टेशनों का विकास का कार्य जारी है। साथ ही, भारत की पहली अंडर-सी रेल सुरंग पर भी कार्य प्रगति पर है।
रेल मंत्री के अनुसार परियोजना में 435 किमी से ज्यादा फाउंडेशन कार्य, 338 किमी गिर्डर इंस्टॉलेशन, 168 किमी ट्रैक बिछाने के साथ ओएचई इंस्टॉलेशन का कार्य भी तेजी से हो रहा है। परियोजना के तहत कई नदियों पर पुलों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
भरूच, वडोदरा, आनंद, नडियाद, अहमदाबाद और साबरमती क्षेत्रों में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही वापी, बिलिमोरा, सूरत तथा अंडरग्राउंड बीकेसी स्टेशन सहित कई स्टेशनों का कार्य तेजी से बढ़ रहा है। महाराष्ट्र में भी ठाणे और पालघर स्टेशनों
उल्लेखनीय है कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर एकमात्र भूमिगत स्टेशन बीकेसी में आकर ले रहा है। इसे जमीनी स्तर से लगभग 24 मीटर की गहराई पर बनाया जा रहा है। जमीन के नीचे तीन मंजिल का यह अत्याधुनिक स्टेशन लगभग 2 लाख वर्गमीटर के तल क्षेत्र में विकसित हो रहा है। यह जमीन के नीचे मुंबई ही नहीं देश का सबसे बड़ा ग्रीन स्टेशन होगा।
गौरतलब है कि बुलेट ट्रेन 508.17 किमी की दूरी में 384.04 किमी हिस्सा गुजरात में,155.76 किमी हिस्सा महाराष्ट्र में और 4.3 किमी हिस्सा दादरा नगर हवेली में है। बुलेट ट्रेन के रूट पर 1 स्टेशन हैं, जिनमें 8 गुजरात में, 4 स्टेशन महाराष्ट्र में बन रहे हैं। इस कॉरिडोर से मुंबई और अहमदाबाद के बीच ट्रेन यात्रा का समय 10 घन्टे से घटकर लगभग ढाई घन्टे हो जाएगा।
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देश में बुलेट ट्रेन की शुरुआत होने के पहले बुलेट ट्रेन के स्वदेशी कोच भी बनने शुरू हो जाएंगे। भारतीय रेलवे की मदद से अब भारत जल्द ही बुलेट ट्रेन भी लेकर आने वाला है। B28 भारत की अपनी स्वदेशी बुलेट ट्रेन होगी जिस पर काम बेंगलुरु स्थित BEML की रेल कोच फैक्ट्री में चल रहा है। रेल मंत्रालय, B28 प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद, एक नई हाई‑स्पीड बुलेट ट्रेन B35 बनाने की योजना बनी है।
वैसे भारत में चलने वाली पहली बुलेट ट्रेन की रफ़्तार 330 किमी प्रति घन्टे होगी। ठीक उसी तरह स्वदेशी B28 बुलेट ट्रेन को अधिकतम 280 किमी तक प्रति घंटा की गति के लिए तैयार किया जा रहा है।
देश में वंदे भारत जैसी सेमी-हाई स्पीड ट्रेनें 160 किमी/घंटा तक की गति से चल रहीं हैं। रेल मंत्रालय ने बुलेट ट्रेन के अलावा देश में मुंबई-पुणे, वाराणसी दिल्ली, बैंगलुरू चेन्नई सहित 7 रूट पर हाईस्पीड ट्रेन कॉरिडोर प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है। उसके लिए भी भविष्य में सेमी स्पीड की बुलेट ट्रेनों की आवश्यकता होगी।