महाराष्ट्र में EV क्रांति, हाईवे पर अब चार्जिंग की टेंशन खत्म, एसटी के फ्यूल पंप ही बनेंगे मल्टी-फ्यूल हब
Maharashtra Electric Vehicle Policy: महाराष्ट्र एसटी महामंडल के फ्यूल पंपों पर अब निजी इलेक्ट्रिक वाहनों को भी मिलेगी चार्जिंग सुविधा। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का बड़ा फैसला।
- Written By: प्रिया जैस
इलेक्ट्रिक गाड़ियाों के लिए चार्जिंग (सौजन्य-सोशल मीडिया)
ST Corporation EV charging: महाराष्ट्र में परिवहन व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप ढालने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया गया है। राज्य के परिवहन मंत्री और राज्य परिवहन महामंडल (एसटी) के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने एसटी की जमीन पर विकसित किए जाने वाले सभी नए फ्यूल पंपों पर प्राइवेट इलेट्रिक वाहनों (ईवी) चार्जिंग स्टेशन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला न केवल सार्वजनिक परिवहन बल्कि निजी इलेट्रिक वाहनों के लिए भी बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करेगा।
विकसित भारत के लिए हरित क्रांति जरूरी
मंत्रालय में हुई एक अहम बैठक में मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए परिवहन क्षेत्र में हरित क्रांति जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की गतिशीलता इलेट्रिक ऊर्जा पर आधारित होगी और इसी सोच के साथ एसटी अभी से जरूरी ढांचा खड़ा कर रहा है। परिवहन मंत्री ने बताया कि फिलहाल एसटी के लगभग 90 प्रतिशत बसें डीजल पर चलती हैं, लेकिन इन्हें चरणबद्ध तरीके से इलेट्रिक बसों में बदला जाएगा।
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ई बसों को प्राथमिकता
आने वाले समय में नई बसों की खरीद में भी ई-बसों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही, एसटी की जमीन पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किए जा रहे फ्यूल पंपों पर डीजल और सीएनजी के साथ-साथ ईवी चार्जिंग स्टेशन अनिवार्य होंगे। इस पहल से एसटी महामंडल को अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है, वहीं एक ही स्थान पर पारंपरिक ईंधन और इलेक्ट्रिक चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
