न सुषमा अंधारे, न उद्धव ठाकरे; शिवसेना UBT ने अंबादास दानवे पर जताया भरोसा, MLC चुनाव के लिए कसी कमर
Ambadas Danve MLC Election 2026: आदित्य ठाकरे ने किया ऐलान, अंबादास दानवे होंगे महाविकास आघाडी के उम्मीदवार। सुषमा अंधारे और उद्धव ठाकरे के नाम की चर्चाएं खत्म।
- Written By: अनिल सिंह
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: महाविकास आघाडी की ओर से दानवे भरेंगे नामांकन (फोटो क्रेडिट-X)
Ambadas Danve Candidate MVA: महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की रिक्त सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। महाविकास आघाडी (MVA) के भीतर चल रहे गहन मंथन के बाद, अंततः शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी है। आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट रूप से ऐलान किया है कि विधान परिषद के इस महत्वपूर्ण चुनावी मुकाबले के लिए अंबादास दानवे महाविकास आघाडी के साझा उम्मीदवार होंगे। इस घोषणा के साथ ही पार्टी के भीतर चल रही कई अन्य नामों की दौड़ अब थम गई है।
अंबादास दानवे वर्तमान में विधान परिषद में विपक्ष के नेता के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं और पार्टी के एक आक्रामक चेहरे के रूप में जाने जाते हैं। आदित्य ठाकरे ने बताया कि दानवे का अनुभव और सदन के भीतर उनकी पकड़ को देखते हुए ही गठबंधन ने उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है। इस निर्णय से यह भी स्पष्ट हो गया है कि शिवसेना (UBT) अपने पुराने और भरोसेमंद नेताओं पर दांव लगाकर सदन में अपनी ताकत को बनाए रखना चाहती है।
Ambadas Danve will be the Shiv Sena (Maha Vikas Aghadi) candidate for the Legislative Council. He will file his nomination form tomorrow at 11:00 AM: Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut pic.twitter.com/cZx8XqTqln — IANS (@ians_india) April 29, 2026
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सुषमा अंधारे और उद्धव ठाकरे के नामों पर विराम
पिछले कुछ हफ्तों से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि शिवसेना (UBT) अपनी फायरब्रांड नेता सुषमा अंधारे को विधान परिषद भेज सकती है। इसके अलावा, कुछ सूत्रों का यह भी दावा था कि उद्धव ठाकरे स्वयं एक बार फिर विधान परिषद के सदस्य के रूप में चुने जा सकते हैं। हालांकि, आदित्य ठाकरे की ताजा घोषणा ने इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।
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अंबादास दानवे का राजनीतिक कद
अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे कई रणनीतिक कारण बताए जा रहे हैं। मराठवाड़ा क्षेत्र से आने वाले दानवे की संगठन पर अच्छी पकड़ है और उन्होंने विपक्षी नेता के तौर पर सरकार को कई मुद्दों पर घेरा है। महाविकास आघाडी के अन्य घटक दल, कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) ने भी दानवे के नाम पर अपनी सहमति जताई है, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि गठबंधन के भीतर पूरी एकता है।
सत्ता पक्ष के लिए चुनौती
आदित्य ठाकरे के इस ऐलान के बाद अब सबकी नजरें सत्ता पक्ष (महायुति) के उम्मीदवारों पर टिकी हैं। देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गठबंधन के लिए अंबादास दानवे जैसे अनुभवी नेता के सामने अपने उम्मीदवार को जिताना एक बड़ी चुनौती होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधान परिषद का यह चुनाव केवल संख्या बल का खेल नहीं होगा, बल्कि यह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भी एक मनोवैज्ञानिक युद्ध की तरह देखा जाएगा।
