आकार ले रहे मेट्रो-3 के स्टेशन, पैकेज एक में 90 % सिविल वर्क पूरा
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्रा
मुंबई: मुंबई की पहली भूमिगत मेट्रो (Mumbai First Underground Metro) का काम फ़ास्ट ट्रैक पर शुरू है। बताया गया कि पैकेज-1 के तहत 90 प्रतिशत सिविल वर्क (Civil Work) कंप्लीट होने के साथ कई भूमिगत स्टेशन (Underground Stations) आकार ले रहे हैं। कफ परेड, विधानभवन, चर्चगेट और हुतात्मा चौक स्टेशन का काफी काम हो चुका है।
एमएमआरसी के अनुसार, सीप्ज, सिद्धिविनायक और एमआयडीसी स्टेशनों पर शत-प्रतिशत ट्रैक बिछाने का काम हो चुका है। मुंबई सेन्ट्रल, विधानभवन स्टेशनों का काम भी अंतिम चरण में है।
एमडी अश्विनी भिड़े ने लिया जायजा
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राज्य में सरकार बदलते ही मेट्रो और अन्य परियोजनाओं को फ़ास्ट ट्रैक पर लाने का काम शुरू हो गया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अश्विनी भिड़े को एमएमआरसी के एमडी की जिम्मेदारी देते ही उन्होंने अपना काम तेजी से शुरू किया है। अश्विनी भिड़े ने मेट्रो-3 के टनेल में कार्यस्थल पर जाकर जायजा लिया। एमडी भिड़े के अनुसार, टनल सेक्शन में कफ परेड से विधानभवन तक ट्रैक का काम पूरा हो गया है, जबकि स्टेशनों को शेपिंग दी जा रही है। प्लेटफॉर्म, इंट्री-एग्जिट एस्केलेटर आदि कई काम चल रहे हैं। एनएटीएम वर्क भी तेजी से चल रहा है। एमएमआरसी की टीम लक्ष्य के अनुसार काम को गति देने में लगी हुई है।
2024 तक कारशेड बन जाएगा
जापान सरकार के वित्तीय सहयोग से एमएमआरसी द्वारा किए जा रहे इस बहुद्देशीय प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने आरे में ही कारशेड बनाए जाने का निर्णय लिया है।आरे में जल्द ही कारशेड का काम शुरू कर दिया जाएगा। एमएमआरसी के अनुसार 2024 तक कारशेड बन जाएगा। इसके साथ ट्रायल और संचालन की योजना है।
ट्रैक के लिए एलवीटी तकनीक
मेट्रो-3 के अंडरग्राउंड स्टेशनों पर ट्रैक बिछाने के लिए लो वाइब्रेंट टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि मेट्रो चलते समय भूमिगत स्टेशनों और ऊपर रोड पर भी पर भी कंपन न हो। आम रेल ट्रैक की बजाय अलग लेयर वाली पटरी बिछाई जा रही है। लगभग 32 प्रतिशत ट्रैक का काम पूर्ण हो चुका है। टनलिंग का काम पूरा होने के बाद स्टेशन, प्लेटफार्म और कॉनकोर्स लेवल अथार्थ टिकट घर के साथ स्टेशन के छत का काम भी तेजी से शुरू है।
जल्द ही दो रेक मुंबई में
मेट्रो 3 के दो रेक जल्द ही मुंबई पहुंचने वाले हैं। इन्हें आरे में ही रखने की तैयारी की गई है। मेट्रो के 3 रेक तैयार हैं। पहले चरण का ट्रायल अगले वर्ष तक शुरू करने का लक्ष्य है।
भूमिगत मेट्रो के बारे में
- कोलाबा-बांद्रा-सीप्ज तक लगभग 33.50 किमी लंबी मुंबई की यह पहली अंडर ग्राउंड मेट्रो-3 है।
- इस मेट्रो मार्ग पर कुल 27 स्टेशन हैं, इनमें 26 स्टेशन अंडर ग्राउंड और एक स्टेशन जमीन के ऊपर है।
- इस मेट्रो परियोजना की लागत लगभग 33 हजार करोड़ है
- यह मेट्रो लाइन वेस्टर्न को सेंट्रल लाइन से जोड़ने का काम करेगी।
- अंडरग्राउंड होने के कारण मुंबई की ट्रैफिक से निजात मिलेगी।
