बारिश में नहीं डूबेगी मायानगरी! BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े का सख्त अल्टीमेटम, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी
Mumbai Waterlogging Solution: मानसून से पहले मुंबई की सड़कों को जलभराव से बचाने के लिए BMC ने मिठी नदी और नालों की सफाई तेज कर दी है। कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने 31 मई तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
- Written By: आकाश मसने
मुंबई में विभिन्न कार्याें का जायजा लेतीं BMC कमिश्नर अश्विनी भिड़े (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC Commissioner Ashwini Bhide News: मुंबई में मानसून से पहले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए बीएमसी ने शहरभर में नालों और मिठी नदी की सफाई का काम तेज कर दिया है। बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां बारिश के दौरान पानी जमा होता है, उन स्थानों को प्राथमिकता देते हुए गाद और कचरा जल्द से जल्द हटाया जाए, अगर इस कार्य में जरा सी भी लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि 31 मई 2026 तक किसी भी स्थिति में नाला सफाई का काम 100 प्रतिशत पूरा होना चाहिए।
अश्विनी भिडे़ ने शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा कर चल रहे सफाई कार्यों का मुआयना किया। इस दौरान अतिरिक्त आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर भी उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने बीकेसी स्थित जेतवन उद्यान के पास मिठी नदी, वरली क्षेत्र के नेहरू विज्ञान केंद्र नाला और दादर-धारावी नाले में चल रहे कामों का निरीक्षण किया।
शुरुआत, प्रगति और समय सीमा की जानकारी
निरीक्षण के दौरान आयुक्त अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों से काम की शुरुआती तारीख, काम की प्रगति और पूर्ण होने की समय सीमा की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल नाले की सफाई ही नहीं, बल्कि उसके पूरे जलग्रहण क्षेत्र में जमा कचरे को भी हटाना जरूरी है, ताकि बारिश के समय पानी का बहाव बाधित न हो। मनपा ने बड़े वर्षा जल निकासी पाइपों पर स्थित मैनहोल और ढक्कनों की जांच करने के भी निर्देश दिए हैं। जहां-जहां जालियां लगाई गई हैं, उनकी स्थिति मजबूत और सुरक्षित बनी रहे, यह सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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मेट्रो और सड़क विभाग के साथ समन्वय पर जोर
वरली नाका और संत गाडगे महाराज चौक जैसे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या को ध्यान में रखते हुए मेट्रो और सड़क विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। दादर-धारावी नाले में निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि लोगों द्वारा फेका जाने वाला तैरता कचरा बड़ी समस्या बन रहा है। इसके चलते यहां बार-बार सफाई की जरूरत पड़ती है। नाले के कुछ हिस्साें में दीवार क्षतिग्रस्त होने से आसपास के लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
साफ-सफाई पर नगरसेवकों ने बीएमसी से पूछे सवाल
स्टैंडिंग कमिटी के सदस्यों ने बीएमसी प्रशासन से सवाल पूछा कि नालों की सफाई में कितनी एडवांस मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। राकांपा की नगरसेविका सईदा खान ने पूछा कि 59 एडवांस मशीन की किस इलाके में तैनाती रहेगी। कांग्रेस नगरसेवक अशरफ आजमी ने कहा कि कई मशीनों को सफाई करने के लिए सिर्फ दिखावटी रखा जाता है लेकिन काम कुछ नहीं होता है। ऐसे मामले में बीएमसी को त्वरित एक्शन लेना चाहिए और नाले सफाई के कार्य में तेजी लाना चाहिए।
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छह स्थानों पर चल रहा सफाई का काम
इस पर आयुक्त ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मिठी नदी में तीन अलग-अलग पैकेज के तहत छह स्थानों पर सफाई का काम चल रहा है। अश्विनी भिड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि काम की गति बढ़ाने के लिए पर्याप्त मशीनरी और वाहनों की व्यवस्था की जाए। साथ ही, गाद निकालने की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। पूरे काम में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सॉफ्टवेयर प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों को इसका सही इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि काम की निगरानी प्रभावी ढंग से हो सके।
