दीपिका पादुकोण के वायु प्रदूषण वाले सवाल पर मुंबई महापौर रितु तावड़े ने दिया जवाब, जानें क्या कहा?
Ritu Tawde On Deepika Padukone AQI Remark: मुंबई महापौर रितु तावड़े ने अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के प्रदूषण वाले सवाल का जवाब देते हुए निर्माण कार्यों को इसका मुख्य कारण बताया और नए नियम लागू किए।
- Written By: अनिल सिंह
Ritu Tawde On Deepika Padukone Air Pollution (फोटो क्रेडिट-X)
Mayor Ritu Tawde Respond On Pollution: मुंबई की बिगड़ती हवा और खराब होते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पर बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण द्वारा उठाए गए सवालों ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। दीपिका के इस सवाल का जवाब देते हुए मुंबई की नवनियुक्त महापौर रितु तावड़े ने एक आधिकारिक बैठक में स्पष्ट किया कि प्रशासन प्रदूषण की समस्या को लेकर पूरी तरह सजग है। महापौर ने स्वीकार किया कि वर्तमान में मुंबई में प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है, लेकिन उन्होंने इसे शहर के विकास से जुड़ी एक अस्थायी समस्या बताया।
रितु तावड़े ने जानकारी दी कि मुंबई को धूल मुक्त और बेहतर बनाने के लिए ‘युद्ध स्तर’ पर योजनाएं लागू की जा रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले कुछ महीनों में प्रदूषण नियंत्रण के कड़े नियमों के जरिए आम नागरिकों को इस दमघोंटू हवा से राहत दिलाई जा सके। महापौर ने कहा कि अभिनेत्री की चिंता जायज है, लेकिन सरकार और महानगरपालिका (BMC) समाधान की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।
अभिनेत्री @deepikapadukone यांनी मुंबईतील खराब होत चाललेल्या हवेच्या गुणवत्तेबाबत चिंता व्यक्त करत “The city is choking” असे म्हटले. यावर मुंबईच्या महापौर @TawdeRitu यांनी प्रदूषण कमी करण्यासाठी उपाययोजना सुरू असल्याचे सांगितले.#Mumbai #DeepikaPadukone #AQI #AirPollution pic.twitter.com/nSuYtBo021 — ilyas khan (@ilyasilukhan) March 13, 2026
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विकास कार्यों और धूल के कणों का प्रभाव
महापौर ने प्रदूषण बढ़ने के पीछे के प्रमुख कारणों को गिनाते हुए बताया कि इस समय मुंबई में 2250 से अधिक निर्माण परियोजनाएं (Construction Projects) प्रगति पर हैं। इसके साथ ही, शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सीमेंट कंक्रीट की सड़कों का निर्माण और मेट्रो के विभिन्न चरणों का काम चल रहा है। इन विकास कार्यों की वजह से हवा में धूल के कण (PM 2.5 और PM 10) बढ़ गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि शहर के भविष्य के लिए ये बुनियादी ढांचे आवश्यक हैं।
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कंस्ट्रक्शन साइट्स के लिए कड़े दिशा-निर्देश
प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए मुंबई महापौर रितु तावड़े ने बीएमसी द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी निर्माण स्थलों पर इलेक्ट्रॉनिक डैशबोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है, जो रीयल-टाइम प्रदूषण स्तर को दिखाएंगे। इसके अलावा:
- निर्माण स्थलों पर 35 फीट ऊंचे मेटल कर्टेन (पर्दे) लगाना अनिवार्य है।
- हवा में धूल को दबाने के लिए ‘एंटी-स्मॉग गन’ और वॉटर स्प्रिंकलर का नियमित उपयोग।
- निर्माण सामग्री को ढककर परिवहन करने के सख्त आदेश।
महापौर के अनुसार, जो डेवलपर्स इन नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ भारी जुर्माना और ‘स्टॉप वर्क’ नोटिस की कार्रवाई की जाएगी।
संगठनों के साथ मिलकर समाधान की कोशिश
महापौर ने साझा किया कि मुंबई महानगरपालिका अकेले ही नहीं, बल्कि विभिन्न पर्यावरण संगठनों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट पर काम कर रही है। शहर में ग्रीन कवर (हरियाली) बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि मानसून से पहले ही प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
