

Chhagan Bhujbal Cabinet Revelation: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई कूच कर रहे आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान तेज हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री और एनसीपी नेता छगन भुजबल ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक के भीतर की एक बेहद चौंकाने वाली इनसाइड स्टोरी का खुलासा किया है।
छगन भुजबल के अनुसार, हाल ही में जब राज्य मंत्रिमंडल की औपचारिक बैठक समाप्त हुई और सभी प्रशासनिक अधिकारी कमरे से बाहर चले गए, तब मंत्रियों के बीच मनोज जरांगे की बयानबाजी पर अनौपचारिक लेकिन बेहद गरमा-गर्म चर्चा शुरू हुई। बैठक में मौजूद लगभग हर मंत्री ने जरांगे द्वारा इस्तेमाल की जा रही आपत्तिजनक और अमर्यादित भाषा पर गहरा आक्रोश और नाराजगी जताई।
मंत्रियों ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पिता, वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर बावनकुले की माताजी, अन्य मंत्रियों और यहां तक कि आंदोलन स्थल पर गई महिला जिलाधिकारी के खिलाफ भी जरांगे ने बेहद अभद्र शब्दों का प्रयोग किया है।
कैबिनेट बैठक के अंदर की इस गुप्त चर्चा का ब्योरा देते हुए भुजबल ने बताया कि मंत्रियों का कहना था जरांगे कितनी गंदी भाषा बोल रहे हैं! यह तो एक 'नॉनस्टॉपेबल गाड़ी' बन चुकी है, जो रुकने का नाम नहीं ले रही और लगातार बढ़ती ही जा रही है।
भुजबल ने बताया कि महायुति सरकार ने जरांगे की 13 में से 12 मांगों को स्वीकार कर लिया है और मराठा समाज के लिए बजट भी स्वीकृत किया है। केवल एक मांग ऐसी बची है जो मौजूदा कानून और संविधान के दायरे में संभव नहीं है। इसके बावजूद जरांगे अपनी जिद पर अड़े हैं और लगातार मुंबई की ओर बढ़ रहे हैं।
छगन भुजबल ने जरांगे की समझ पर सवाल उठाते हुए याद दिलाया कि पिछली बार बीड में आंदोलनकारियों ने विधायकों के घर और होटल तक फूंक दिए थे। उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि राज्य में करीब 60 से 70 फीसदी ओबीसी समाज ने महायुति का समर्थन किया है, इसलिए सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस फैसले से ओबीसी वर्ग में कोई असंतोष या नाराजगी न पैदा हो।