मुंबई कूच के ऐलान के साथ मनोज जरांगे का मंत्री छगन भुजबल पर तीखा पलटवार; बोले- चिंगारी क्यों लगा रहे हो

Jarange Slams Bhujbal Criticism: मनोज जरांगे ने 12 सितंबर को मुंबई आंदोलन के शेड्यूल के ऐलान की घोषणा करते हुए भाषा संबंधी आरोपों पर छगन भुजबल को करारा जवाब दिया है।
Manoj Jarange vs Chhagan Bhujbal
मनोज जरांगे पाटील और छगन भुजबल (सोर्स : सोशल मीडिया)
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Manoj Jarange vs Chhagan Bhujbal: जालना में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर मनोज जरांगे पाटील ने एक बार फिर मराठा समाज से अंतरवाली सराटी पहुंचने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि 12 सितंबर को दोपहर में मुंबई जाने के फैसले और उसके कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। जरांगे ने लोगों से अपील की कि इसे केवल टीवी पर बैठकर देखने के बजाय अपने काम छोड़कर आंदोलन में शामिल हों, क्योंकि यह मराठा समाज के अस्तित्व की लड़ाई है।

छगन भुजबल की टिप्पणी पर पलटवार

पिछले कुछ दिनों से मनोज जरांगे पाटील की भाषा को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा हो रही है। मंत्री छगन भुजबल ने भी उनकी भाषा को लेकर आलोचना की थी। भुजबल ने आरोप लगाया था कि सरकार की ओर से बातचीत के दौरान जरांगे ने जिलाधिकारी से कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा में बात की। उन्होंने कहा था कि जिलाधिकारी आशिमा मित्तल सरकार की ओर से जरांगे से चर्चा करने गई थीं और बातचीत के दौरान वह असहज हो गई थीं।

छगन भुजबल की टिप्पणी पर मनोज जरांगे का पलटवार

छगन भुजबल की इसी टिप्पणी पर जरांगे पाटील ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि बार-बार इस मामले में काड्या क्यों लगाई जा रही हैं। जरांगे ने कहा कि जिलाधिकारी पूरे जिले की अधिकारी और पालक होती हैं, इसलिए उनके साथ बातचीत को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने भुजबल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है।

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मनोज जरांगे जिलाधिकारी को लेकर क्या बोले?

मनोज जरांगे ने कहा कि जिलाधिकारी महिला हों या पुरुष, अधिकारी के तौर पर उनकी भूमिका अलग होती है। उन्होंने कहा कि सक्षम अधिकारी के सामने लिंग का विषय नहीं आता। उनके मुताबिक जिलाधिकारी पूरे जिले की पालक होती हैं और जनता की समस्याएं सुनना उनकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने मीडिया से अपनी बात का गलत अर्थ नहीं निकालने की अपील भी की।

विरोध करने वालों पर भी निशाना

जरांगे ने अपने विरोधियों को लेकर भी बयान दिया। अजय बारस्कर द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग किए जाने पर जरांगे ने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ बोलने वाले लोग वास्तव में मराठा समाज से हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि उनके विरोध में बोलने वाले लोग 'ओरिजनल मराठे' हैं या नहीं।

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Mumbai March को लेकर बड़ा दावा

मुंबई जाने को लेकर मनोज जरांगे पाटील ने कहा कि तारीख तय होने के बाद वे एक दिन में मुंबई की ओर रवाना हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वाहनों की संख्या अधिक होने पर गति कम हो सकती है, लेकिन इस बार पिछले दोनों आंदोलनों की तुलना में करीब 25 गुना अधिक मराठा समाज के लोग मुंबई जाने की तैयारी में हैं। 12 सितंबर को मुंबई मार्च को लेकर तस्वीर स्पष्ट होने की संभावना है।

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