

Hindustani Bhau Statement On Manoj Jarange: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर बेहद गरमा गया है। एक तरफ मराठा आंदोलन के प्रमुख चेहरा मनोज जरांगे पाटील अपनी मांगों को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन करने के लिए मुंबई की ओर कूच कर चुके हैं।
दूसरी तरफ सोशल मीडिया इन्फ्लुएन्सर विकास फाटक उर्फ हिंदुस्तानी भाऊ ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं।
हिंदुस्तानी भाऊ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर मनोज जरांगे और उनके आंदोलन की कार्यशैली पर तीखे सवाल उठाए हैं। भाऊ का कहना है कि गणेशोत्सव और आगामी देवी उत्सव जैसे पवित्र त्योहारों के दौरान मुंबई में आंदोलन लाकर शहर का माहौल जानबूझकर खराब किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार भी जब आंदोलनकारी मुंबई आए थे, तब सड़कों, मॉलों और होटलों में भारी हंगामा मचाया गया और पूरे शहर को गंदा कर कचरा फैला दिया गया। उनके के मुताबिक, मुंबईकरों और महाराष्ट्र की जनता ने उस वक्त शांति बनाए रखी, लेकिन इस बार फिर त्योहारों के समय ही आकर लोगों का उत्सव बिगाड़ने का काम किया जा रहा है।
हिंदुस्तानी भाऊ ने जरांगे पर मराठा समाज के युवाओं को गुमराह करने और उनका भविष्य दांव पर लगाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जरांगे के उकसावे में आकर अब तक 30,000 से अधिक मराठा युवाओं पर पुलिस केस दर्ज हो चुके हैं। इन युवाओं के माता-पिता अपना खून-पसीना बहाकर अदालती मुकदमों में पैसा बहा रहे हैं, लेकिन मुसीबत के वक्त कोई भी नेता या जरांगे खुद उनकी मदद के लिए खड़े नहीं होते।
इसके साथ ही, भाऊ ने मनोज जरांगे की भाषा शैली पर भी कड़ा एतराज जताया। जरांगे द्वारा राज्य के शीर्ष नेताओं के लिए ए शिंद्या, ए विख्या, ए देव्या जैसे शब्दों का प्रयोग किए जाने पर हिंदुस्तानी भाऊ ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री जैसी संवैधानिक सीटों पर बैठे नेताओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने मनोज8 जरांगे पर एक महिला जिलाधिकारी को धमकी देने का भी आरोप लगाया।
हिंदुस्तानी भाऊ ने जरांगे के अनशन को महज दिखावा करार देते हुए कई विवादित दावे किए। उनका आरोप है कि जरांगे परदे के पीछे से कुछ बड़े बिजनेसमैन की लिखी स्क्रिप्ट पढ़ रहे हैं। भाऊ ने दावा किया कि जरांगे कोई वास्तविक भूख हड़ताल नहीं करते, बल्कि बाथरूम में जाकर चुपचाप खाना खाते हैं, तंबाकू चबाते हैं और सलाइन चढ़वाते हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति के पास बैठकर आसपास थूकना उनकी असलियत उजागर करता है। भाऊ के अनुसार, जरांगे मराठा समाज के नाम पर अपनी दुकान चला रहे हैं और अपने करीबियों का आर्थिक फायदा करवा रहे हैं।
इस पूरे घमासान के बीच, मनोज जरांगे के काफिले और उनकी लग्जरी गाड़ियों को लेकर भी सोशल मीडिया पर खासी चर्चा छिड़ गई है। जरांगे का काफिला एक आलीशान लैंड रोवर डिफेंडर गाड़ी में आगे बढ़ रहा है, जिसके साथ 2 एम्बुलेंस और 4 फॉरच्यूनर गाड़ियां चल रही हैं। रास्ते में उन्हें देखकर लोग भावुक होकर रो रहे हैं और उनका सम्मान कर रहे हैं।
इसी बीच, सोशल मीडिया पर एक बेहद दिलचस्प और अतरंगी किस्सा वायरल हो रहा है। जब एक पत्रकार ने जरांगे के एक समर्थक से पूछा कि आखिर मनोज जरांगे इतनी महंगी डिफेंडर गाड़ी में क्यों घूम रहे हैं, तो समर्थक ने तपाक से मजेदार जवाब दिया क्योंकि वो मराठा समाज के हक और अधिकारों को डिफेंड कर रहे हैं, इसीलिए वो डिफेंडर गाड़ी में घूम रहे हैं।
हिंदुस्तानी भाऊ के इन तल्ख बयानों और डिफेंडर गाड़ी से जुड़े इस अनूठे किस्से ने मराठा आरक्षण आंदोलन की इस मुंबई यात्रा को सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक एक बेहद रोचक और गर्मागर्म बहस का केंद्र बना दिया है।