मंगल प्रभात लोढ़ा (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mangal Prabhat Lodha LPG Demand: महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा जैन मंदिरों के लिए एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उनके इस कदम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लोढ़ा ने नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल को पत्र लिखकर अपने मालाबार हिल विधानसभा क्षेत्र के 16 जैन मंदिरों के लिए एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। यह मांग विशेष रूप से चैत्र माह में आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठान ‘ओली अयंबिल’ के लिए की गई है। हर मंदिर के लिए पांच व्यावसायिक गैस सिलेंडर मांगे गए हैं।
इस मांग को लेकर कई संगठनों और स्थानीय निवासियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और गैस की संभावित कमी के बीच किसी विशेष समुदाय के लिए इस तरह की मांग करना उचित नहीं है। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि राम नवमी के दौरान गैस की कमी के कारण भंडारे आयोजित करने में दिक्कतें आईं।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने भी इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया है। पार्टी ने गैस एजेंसियों को पत्र लिखकर आम नागरिकों को हो रही असुविधा पर चिंता व्यक्त की और प्राथमिकता तय करने की मांग की है।
विवाद बढ़ने के बाद मंत्री लोढ़ा ने सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनके क्षेत्र में किसी भी धर्म के लोगों को धार्मिक कार्यों के लिए एलपीजी की जरूरत होगी, तो वे हर संभव मदद करेंगे।
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इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर सरकार इसे सेवा भाव से जुड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे संसाधनों के असमान वितरण का मुद्दा बना रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।