मिलिंद वैद्य (सौ. सोशल मीडिया )
Mahim Unauthorized Rally: माहिम पुलिस ने शिवसेना (UBT) के नवनिर्वाचित पार्षद मिलिंद वैद्य और उनके सहयोगियों के खिलाफ बिना अनुमति विजय जुलूस निकालने पर मामला दर्ज किया है।
यह घटना 24 जनवरी की शाम हुई, जब इलाके में निषेधाज्ञा लागू थी और पुलिस ने पहले ही अनुमति देने से इंकार कर दिया था। पुलिस के अनुसार, मिलिंद वैद्य ने 18 जनवरी को पहली बार विजय जुलूस की अनुमति मांगी थी, जिसे कानून व्यवस्था और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए खारिज कर दिया गया।
इसके बाद 22 और 24 जनवरी को दोबारा आवेदन किया गया, लेकिन अनुमति नहीं मिली। बावजूद इसके, 24 जनवरी को शाम 5:30 बजे से रात 8 बजे तक जुलूस निकाला गया।
जुलूस के दौरान समर्थकों की भारी भीड़ सड़कों पर उतरी, पटाखे फोड़े गए और लाउडस्पीकर का इस्तेमाल हुआ। पुलिस ने कहा कि इससे यातायात और कानून व्यवस्था प्रभावित हुई। अधिकारियों ने यह जुलूस पूरी तरह अनधिकृत बताया। निषेधाज्ञा के दौरान किसी भी तरह के जुलूस या रैली की अनुमति नहीं थी।
पुलिस ने मिलिंद वैद्य के अलावा विनय अकरे, अविरात शिंदे, संतोष सर्वे, दीपक सावंत और 40 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया है। सभी पर बिना अनुमति रैली निकालने और नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी।
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माहिम पुलिस ने साफ किया कि निषेधाज्ञा और सार्वजनिक सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि चुनाव जीतने के बाद भी उत्सव मनाने के लिए कानून का पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति इस तरह के आयोजनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।