Davos Platform पर सरकार की प्राथमिकताओं पर आदित्य ठाकरे का सवाल, फडणवीस पर तंज

Maharashtra News: दावोस दौरे को लेकर आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों का उपयोग स्थानीय प्रशासनिक बैठकों के लिए नहीं होना चाहिए।
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आदित्य ठाकरे (सौ. फाइल फोटो )
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Aditya Thackeray News: शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने एक बार फिर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए हैं।

यह टिप्पणी ऐसे समय सामने आई है, जब मुख्यमंत्री हाल ही में दावोस दौरे से लौटे हैं। आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावोस जाने वाले मुख्यमंत्रियों को संदेश दिया।

उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना कहा कि विश्व आर्थिक मंच जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन का उद्देश्य वैश्विक राजनीतिक नेतृत्व, निवेशकों और नवाचार से जुड़े लोगों को एक साथ लाना होता है। ऐसे मंचों का इस्तेमाल घरेलू स्तर के बिल्डरों या ठेकेदारों से मुलाकात के लिए करना इसकी मूल भावना के खिलाफ है।

वैश्विक मंच, स्थानीय मंजूरियों की जगह नहीं

अपने पोस्ट में आदित्य ठाकरे ने कहा कि दावोस जैसे मंच पर उन लोगों से मिलने में समय नहीं गंवाया जाना चाहिए, जो स्थानीय स्वशासी संस्थाओं से अनुमति या मंजूरी की प्रक्रिया में जुड़े होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय अवसरों का उपयोग राज्य के दीर्घकालिक विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने, वैश्विक निवेश आकर्षित करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने के लिए किया जाना चाहिए।

वैश्विक संवाद पर हो फोकस

आदित्य ठाकरे के अनुसार, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का उद्देश्य वैश्विक विचारों, नई तकनीकों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ावा देना है, न कि स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों को प्राथमिकता देना। उन्होंने कहा कि नेताओं को ऐसे मंचों पर दुनिया के साथ जुड़ने और भविष्य के अवसर तलाशने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

दावोस दौरे को लेकर पहले भी उठ चुके हैं सवाल

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावोस दौरे के दौरान दावा किया था कि महाराष्ट्र ने करीब 30 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे लगभग 40 लाख रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी दावोस दौरे के खर्च को सार्वजनिक करने की मांग की थी और इसे लेकर सवाल उठाए थे। आदित्य ठाकरे का यह बयान दावोस दौरे को लेकर जारी राजनीतिक बहस को और तेज करता नजर आ रहा है।

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