आयुर्वेद चिकित्सक ने लिखी “चिरायु गीता”, श्यामसुंदर शर्मा की सरल श्रीमद्भगवद्गीता का विमोचन
Bhagavad Gita Teachings: नालासोपारा के आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. श्यामसुंदर शर्मा द्वारा लिखित सरल श्रीमद्भगवद्गीता “चिरायु गीता” पुस्तक का विमोचन किया गया।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Bhagavad Gita teachings (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nalasopara Ayurved Medical College Event: नालासोपारा स्थित नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. श्यामसुंदर शर्मा द्वारा लिखित सरल श्रीमद्भगवद्गीता “चिरायु गीता” पुस्तक का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सभी मेहमानों द्वारा भगवान धन्वंतरि के पूजन, स्तवन और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व वायु सेना अधिकारी और वर्तमान में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) में भारत सरकार के श्रम मंत्रालय के निदेशक कामेश्वर दुबे थे। महाविद्यालय के निदेशक ओमप्रकाश दुबे ने डॉ. श्यामसुंदर शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि एक आयुर्वेद विशेषज्ञ द्वारा लिखित सरल श्रीमद्भगवद्गीता “चिरायु गीता” का शुभ संदेश देना और इसका विमोचन हमारे महाविद्यालय में होना हमारे लिए गर्व की बात है।
भगवद गीता का अध्ययन अत्यंत आवश्यक
विशेष अतिथि कामेश्वर दुबे ने कहा कि जीवन में संतोष और सफलता प्राप्त करने के लिए भगवद गीता का अध्ययन अत्यंत आवश्यक है। संस्था की ट्रस्टी ऋजुता दुबे ने भी कहा कि भगवद्गीता जीवन का सार है और इसका ज्ञान हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है।
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सकारात्मकता जुटाना सीखना चाहिए
पुस्तक के लेखक डॉ. श्यामसुंदर शर्मा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी में गीता पढ़ने को लेकर कुछ हद तक अवसाद दिखाई देता है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जीवन में सच्चा सुख पाने के लिए व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मकता जुटाना सीखना चाहिए। कार्यक्रम में महाविद्यालय की कार्यशाला हेमलता शेंडे, सभी अध्यापक, गैर-शिक्षण कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पूनम बेहरे ने किया।
