प्रासंगिक है,इंडियन नॉलेज सिस्टम, सीएस शर्मा कॉलेज में आईकेएस का 11 वां इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस
Chandrabhan Sharma College Mumbai: मुंबई के पवई स्थित चंद्रभान शर्मा कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स में इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS) पर 11वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस आयोजित हुई।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Chandrabhan Sharma College Mumbai (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrabhan Sharma College Mumbai: चंद्रभान शर्मा कॉलेज ऑफ आर्ट्स, साइंस एंड कॉमर्स, पावई (मुंबई) में मुंबई विश्वविद्यालय और आईसीएफएआई फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन, हैदराबाद के संयुक्त राज्य अमेरिका में 11वीं इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस की थीम पर “आईकेएस: ब्रिजिंग ट्रेडिशन, इनोवेशन एंड सस्टेनेबिलिटी-ग्लोरियस पास्ट, प्रॉमिसिंग प्रेजेंट, डिजाइन्ड फॉर ए ब्राइट फ्यूचर” थीम पर आयोजित किया गया।
इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च (डब्ल्यूआरसी-आईसीएसएसआर) के वेस्टर्न रीजनल सेंटर द्वारा आयोजित इस एक दिव्य सम्मेलन में यूनेस्को के प्रतिष्ठित, विश्वविद्यालयों, फैकल्टी सदस्यों और छात्रों ने भाग लिया। सम्मेलन में इंडियन कॉलेज सिस्टम (आईकेएस) की सुविधाओं और उसके आधार पर एक सस्ते प्लान और इनोवेटिव भविष्य के निर्माण पर व्यापक चर्चा की गई।
‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर आधारित भारतीय ज्ञान पर जोर
एटलस स्किलटेक यूनिवर्सिटी, मुंबई के वाइस चांसलर राजन वेलुआकर ने कहा कि नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा का आधार आगे बढ़ाना चाहिए, क्योंकि यही समय की आवश्यकता है। सम्मलेन के अध्यक्ष और कॉलेज की अध्यक्ष वैशाली राजपूत ने कहा कि भारतीय आश्रम और ज्ञान की कमी हमेशा बनी रहेगी। हमारी सोच “वसुधैव कुटुंबकम” की अवधारणा पर आधारित है।
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बंबई के प्रोफेसर वरदराज बापट ने आईकेएस की समीक्षा में सस्टेनेबल डियोलॉजी में प्रकाश डाला। वहीं आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल के केदार दुनाखे ने पंचतंत्र की कविताओं के माध्यम से नेतृत्व के महत्वपूर्ण पाठ को साझा किया।
कला पर वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत
आनंद विश्व गुरुकुल कॉलेज ऑफ लॉ के सुयश प्रधान ने आधुनिक शिक्षा में गुरुकुल प्रणाली के महत्व पर जोर दिया। वहीं आलोक गुप्ता, सीईओ, एलएसएफ ग्लोबल (हांगकांग) ने भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरित नेतृत्व और कहानी की कला पर वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
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डॉ. फ्लोरा शुक्ला और डॉ. मृणाल भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित पैरेल टेक्निकल सत्रों में विभिन्न शोधपत्र प्रस्तुत किये गये। समापन भाषण डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर कॉलेज के प्राचार्य बी. आर. कांबले ने दिया। इस अवसर पर कॉलेज के समर्थक विश्वासियों और छात्रों प्रशांत शर्मा को उनके निरंतर सहयोग, दूरदर्शिता और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया गया।
114 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत
कॉन्फ्रेंस में प्रोफेसरों और छात्रों द्वारा 114 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किये गये। प्रभारी डॉ. अलौकिक राजपूत ने एक स्मारिका (स्मारिका पत्रिका) का भी विमोचन किया। टीचर्स ट्रैक में अतुल अशोक साठे (एच. आर. कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स) को पहला पुरस्कार और ममता कुमारी (धेम्पे कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस, गोवा) को दूसरा पुरस्कार मिला। मित्र ट्रैक में पुष्पा चौधरी और सृष्टि पानसरे (के.जे. सोमैया कॉलेज) को पहला पुरस्कार और अमन सिंह (चंद्रभान शर्मा कॉलेज) को दूसरा पुरस्कार प्रदान किया गया।
