
पृथ्वीराज चव्हाण (सौजन्य-एएनआई)
मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो कि सरकार बनने के बाद भी खत्म नहीं हो रहा है। वोटिंग मशीन से लेकर मतदाताओं को सूची तक विपक्ष ने सभी तरीकों में हेराफेरी होने की बात कही है।
महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति को ‘वैध ढंग से निर्वाचित सरकार नहीं होने का’ आरोप लगाते हुए विपक्षी कांग्रेस ने शनिवार को दावा किया कि मतदाता सूची में संदिग्ध ढंग से बड़ी संख्या में मतदाता जोड़े गए तथा नवंबर 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मतों में हेराफेरी की गई।
कांग्रेस के डेटा विश्लेषण विभाग के अध्यक्ष प्रवीण चक्रवर्ती और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने ये आरोप लगाए। चक्रवर्ती ने कहा, ‘महाराष्ट्र में सरकार निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से वैध रूप से निर्वाचित नहीं हुई है। हम यह बात भारत की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी के रूप में पूरी जिम्मेदारी के साथ कहते हैं। लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची में 48 लाख नए मतदाता जुड़े, जबकि 2019 के विधानसभा चुनाव से पहले सिर्फ 32 लाख मतदाता जुड़े थे। ऐसा लगता है कि किसी तरह से इन सभी मतदाताओं ने जादुई तरीके से एक गठबंधन को वोट दे दिया जो महायुति है। क्या यह तर्कसंगत लगता है। क्या यह एक चमत्कारी संयोग है? यह कैसे समझा जा सकता है? क्या यह अजीब नहीं है?’
उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव की तुलना में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति को 72 लाख ज्यादा वोट मिले हैं। महाविकास अघाड़ी को वोट देने वाले सिर्फ 24 लाख मतदाता ही इससे छिटक गए, लेकिन महायुति को 72 लाख ज़्यादा वोट मिले।
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पिछले साल लोकसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी को महाराष्ट्र में 48 में से 30 सीट मिली थीं, जबकि नवंबर में विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति ने महाविकास अघाड़ी को निर्णायक रूप से हराते हुए 288 में से 230 सीटें जीती। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा को 132 सीट, शिवसेना को 57 और राकांपा को 41 सीटें मिलीं।






