Vidhan Parishad Election: नामांकन के आखिरी दिन सुनेत्रा और शिंदे को झटका, पार्टी की बेवफाई से कई वफादार नाराज
महाराष्ट्र Vidhan Parishad Election के नामांकन के आखिरी दिन महायुती में जबरदस्त बगावत देखने को मिली। पुणे से लेकर छत्रपती संभाजीनगर तक जानें क्यों शिंदे व सुनेत्रा पवार से नाराज हुए पुराने कार्यकर्ता?
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: एआई फोटो)
Mahayuti Rift Update: महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन किसी हाई-वोल्टेज थ्रिलर फिल्म के क्लाइमैक्स से कम नहीं है। Vidhan Parishad Election के लिए नामांकन के अंतिम दिन जो नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, उसने महायुति के भीतर खलबली मचा दी है। विशेष रूप से राष्ट्रवादी कांग्रेस और शिवसेना के भीतर बगावत और अंतर्कलह का ऐसा भूकंप आया है, जिसने गठबंधन की रणनीति पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
पुणे में एनसीपी का ड्रामा, वफादार बनाम नए चेहरे
पुणे स्थानीय स्वराज्य संस्था सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के भीतर भारी अफरा-तफरी का माहौल रहा। नामांकन के महज कुछ घंटों पहले पूर्व सांसद संजय काकडे और उनके बेटे विक्रम काकडे ने जिजाई बंगले पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की उपस्थिति में एनसीपी का दामन थाम लिया। पार्टी ने तुरंत विक्रम काकडे को मैदान में उतार दिया, लेकिन ट्विस्ट तब आया जब अजित पवार के बेहद करीबी माने जाने वाले सुनील टिंगरे ने भी अपना नामांकन दाखिल कर दिया।
हैरत की बात यह है कि दोनों ही उम्मीदवारों को पार्टी का एबी फॉर्म दिए जाने की चर्चा है, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच भारी भ्रम फैल गया है। इस फैसले से पार्टी के पुराने वफादार नेता जैसे दीपक मानकर और विलास लांडे बेहद नाराज बताए जा रहे हैं, और रामदास गाडे जैसे पदाधिकारियों ने अपने इस्तीफे तक सौंप दिए हैं।
सम्बंधित ख़बरें
‘एक हो जाएं उद्धव और शिंदे गुट’; अंबादास दानवे के बाद अब्दुल सत्तार ने भी सुर में सुर मिलाया, बीजेपी पर निशाना
अमरावती MLC चुनाव: महायुति में बड़ी बगावत! BJP के प्रवीण पोटे के खिलाफ शिवसेना नेता के बेटे ने किया नामांकन
भारी पड़ा इंस्टाग्राम का प्यार, गढ़चिरोली में समलैंगिक साथी ने चाकू से गला रेतकर की दोस्त की खौफनाक हत्या
संभाजीनगर में पिता बना हैवान, 5 साल के मासूम का करता था यौन शोषण, बेटे ने जन्मदिन पर खोला काली करतूत का राज
BJP’s Sanjay Kakde and his son Vikram have officially joined NCP today. Vikram will be contesting the MLC election from the #Pune seat.
Ramdas Gade,an office bearer of NCP’s Parvati assembly constituency resigned in protest saying Kakde broke the party and corporators in 2017. pic.twitter.com/55ISKfqS9W — Ali shaikh (@alimshaikhTOI) June 1, 2026
शिवसेना में बगावत की आग, अपनों ने ही बढ़ाई मुश्किलें
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 6 में से केवल 4 सीटों पर समझौता करना पड़ा, जिससे पार्टी के भीतर पहले ही असंतोष था। रायगड-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट पर महायुती ने अनिकेत तटकरे (NCP) को उम्मीदवार बनाया, लेकिन वहां शिवसेना विधायक महेंद्र दलवी की बेटी जुईली दलवी ने निर्दलीय पर्चा भरकर बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। हालांकि, मंत्री उदय सामंत का कहना है कि वे जुईली को मनाने की कोशिश करेंगे, लेकिन यह बगावत महायुती की एकता पर बड़ा प्रहार है।
यही स्थिति छत्रपति संभाजीनगर में भी देखने को मिली, जहां कद्दावर मंत्री अब्दुल सत्तार के बेटे समीर सत्तार ने निर्दलीय नामांकन दाखिल कर शिंदे सेना की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इसके अलावा, परभणी-हिंगोली निर्वाचन क्षेत्र में भी पूर्व विधायक विप्लव बजोरिया का पत्ता काटकर सईद खान को टिकट दिए जाने से वहां का सियासी पारा सातवें आसमान पर है।
यह भी पढ़ें: लाडकी बहिन योजना की किस्त क्यों रुकी? ई-केवाईसी और इनकम टैक्स समेत अदिति तटकरे ने बताए 4 बड़े कारण
अब क्या होगा?
नामांकन के आखिरी दिन हुए इस जबरदस्त घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि विधान परिषद की यह लड़ाई अब केवल विरोधियों के खिलाफ नहीं, बल्कि अपनों के खिलाफ भी लड़ी जाएगी। 22 जून को होने वाले परिणामों से पहले अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि नाम वापसी के दिन कौन पीछे हटता है और किसके सिर पर बगावत का सेहरा सजता है। महाराष्ट्र के सियासी रणक्षेत्र में यह भूकंप अभी शांत होता नहीं दिख रहा है।
