अमरावती MLC चुनाव: महायुति में बड़ी बगावत! BJP के प्रवीण पोटे के खिलाफ शिवसेना नेता के बेटे ने किया नामांकन
Amravati MLC Elections 2026: अमरावती विधान परिषद चुनाव के आखिरी दिन महायुति गठबंधन में दरार आ गई। भाजपा उम्मीदवार प्रवीण पोटे के सामने शिवसेना नेता के बेटे विप्लव बाजोरिया ने निर्दलीय पर्चा भरा।
- Written By: आकाश मसने
विप्लव बाजोरिया व प्रवीण पोटे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pravin Pote Patil Vs Viplav Bajoria: महाराष्ट्र विधान परिषद की स्थानीय स्व-शासन निकाय सीटों के लिए होने वाले चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन अमरावती में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। राज्य की सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर टिकट बंटवारे और आपसी तालमेल को लेकर चल रही खींचतान अब खुलकर सड़कों पर आ गई है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक गोपीकिशन बाजोरिया के बेटे विप्लव बाजोरिया ने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों को दरकिनार करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। विप्लव के इस अचानक लिए गए फैसले ने महायुति के सियासी समीकरणों को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है।
महायुति की और से आधिकारिक तौर पर भाजपा के प्रवीण पोटे को मैदान में उतारा था, वहीं विप्लव बाजोरिया के एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के फैसले ने स्थानीय स्व-शासन निकायों के मतदाताओं के बीच गहन राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अमरावती की राजनीति में बाजोरिया परिवार के जाने-माने प्रभाव को देखते हुए, व्यापक रूप से यह उम्मीद की जा रही है कि उनकी उम्मीदवारी का चुनाव परिणामों पर स्पष्ट प्रभाव पड़ेगा।
इस घटनाक्रम के बाद, महायुति के भीतर आंतरिक असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है, और अब पूरा जिला इस बात पर बारीकी से नजर रखे हुए है कि आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व इस मामले पर क्या रुख अपनाएगा।
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प्रवीण पोटे ने दाखिल किया नामांकन
इधर विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकरण चुनाव हेतु नामांकन दर्ज करने के अंतिम दिन महायुति से भाजपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे ने पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की विशेष उपस्थिति में अपना पर्चा दाखिल किया। इस समय सहयोगी पक्षों सह भाजपा के जनप्रतिनिधि, पार्षद, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, बडी संख्या में मौजुद थे। रविवार देर रात पोटे के नाम की घोषणा की गई।
नामांकन दर्ज करते समय पोटे ने एक तरह से शक्ति प्रदर्शन किया। इस समय प्रवीण पोटे ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, प्रदेश अध्यक्ष रविन्द्र चव्हाण, राज्य के राजस्व मंत्री व पालकमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि सभी पक्षों के साथ अच्छे संबंध रहने से व उनके द्वारा किए गए कार्यों की बदौलत वे पक्ष के विश्वास के अनुरुप जीत दर्ज करेंगे।
रवि राणा अनुपस्थिति से राजनीतिक अटकलें तेज
प्रवीण पोटे के नामांकन के दौरान सहयोगी दल युवा स्वाभिमान पक्ष के विधायक रवि राणा की मौजूदगी नहीं रहने पर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इस पर पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया की रवि राणा तथा पूर्व सांसद शहर से बाहर होने कारण नहीं पहुंच पाए। उन्होंने कहा कि इन दोनों से सुबह ही चर्चा हुई। राणा ने कहा कि शहर में पहुंचने पर उनसे चर्चा करेंगे। वहीं पर महायुति के उम्मीदवार के लिए पूरी तरह प्रचार में सहयोग करेंगे।
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इस समय पालकमंत्री तथा प्रत्याशी प्रवीण पोटे के अलावा पूर्व सांसद आनंदराव अडसुल, जिले के विधायक सुलभा खोड़के, संजय खोडके, प्रवीण तायडे, केवलराम काले,प्रकाश भारसाकले, प्रताप अडसड, राजेश वानखडे, बच्चू कडू। महापौर श्रीचंद तेजवाणी, पूर्व विधायक ज्ञानेश्वर धाने पाटील, शिंदेसेना नेत्री प्रिती बंड, पूर्व जिप अध्यक्ष सुरेखा ठाकरे, शिवसेना जिला प्रमुख आशिष धर्माले, भाजपा शहर अध्यक्ष डॉ. नितिन धांडे, ग्रामीण अध्यक्ष रविराज देशमुख सहित महायुति के नेतागण उपस्थित थे।
