प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Maharashtra Technical Education News: महाराष्ट्र सरकार ने तकनीकी शिक्षा निदेशालय के अधीन सरकारी और सहायता प्राप्त डिप्लोमा एवं डिग्री संस्थानों में शिक्षकों के लिए कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत कई पात्रता शर्तों में काफी हद तक ढील दी है।
अधिकारियों ने यह जानकारी गुरूवार को दी। इस राहत से यह सुनिश्चित होगा कि संविदात्मक या अस्थायी नियुक्तियों के बाद नियमित किए गए कुछ व्याख्याताओं को सीएएस लाभ पूर्व के अनुरूप ही प्रदान किए जाएं। इन व्याख्याताओं को ‘रिफ्रेशर कोर्स’ पूरा करने के लिए 31 दिसंबर, 2023 तक का समय दिया गया था।
सरकार ने पांच मार्च, 2010 से पहले नियुक्त व्याख्याताओं के लिए सीएएस के तहत उच्च वेतनमान में नियुक्ति के लिए पीएचडी की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया है। बुधवार को जारी एक सरकारी आदेश के जरिये पदोन्नति के लिए शैक्षणिक, प्रशिक्षण और योग्यता संबंधी आवश्यकताओं में नयी छूट दी गई।
यह कदम महाराष्ट्र प्रशासनिक न्यायाधिकरण के सात फरवरी, 2025 के आदेश के बाद उठाया गया, जिसमें जून 2022 के सरकारी संकल्प (जीआर) को चुनौती देने वाले व्याख्याताओं की याचिकाओं को आंशिक रूप से स्वीकार किया गया था तथा पदोन्नति संबंधी नियमों से जुड़े एक संबंधित परिपत्र को निरस्त कर दिया गया था।
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न्यायाधिकरण के निर्देशों और शिक्षकों से प्राप्त अभ्यावेदनों का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने जून 2022 के सरकारी आदेश की समीक्षा के लिए तकनीकी शिक्षा मुंबई क्षेत्र के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद नाइक की अध्यक्षता में पांच-सदस्यीय समिति गठित की थी।
अक्टूबर 2025 में समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने सीएएस के कई खंडों में अब संशोधन किया है, जिससे शिक्षकों की कई श्रेणियों, विशेष रूप से संविदा आधारित या अस्थायी सेवा से नियमित किए गए शिक्षकों, के लिए शैक्षणिक, प्रशिक्षण और योग्यता आवश्यकताओं में ढील दी गई है।