

Bhandup BEST Bus Accident: उपनगर भांडुप के कोकण नगर इलाके में बुधवार सुबह बेस्ट (BEST) की एक अनियंत्रित बस की चपेट में आने से एक पैदल यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। यह अजीबोगरीब और दर्दनाक हादसा क्रिटिकल अस्पताल के पास सुबह करीब 8:30 बजे घटित हुआ।
ओशिवारा डिपो की रूट नंबर A-425/32 की बस (क्रमांक 4047) जब कोकण नगर की तरफ दाहिना मोड़ ले रही थी, तभी यह भीषण दुर्घटना हुई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए भांडुप पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आधिकारिक एक्सीडेंट रिपोर्ट के अनुसार, बेस्ट बस का चालक मोड़ पर गाड़ी को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाया। मोड़ न कट पाने की स्थिति में चालक ने बस को पीछे (रिवर्स) लेना शुरू किया। इसी दौरान बस का पिछला हिस्सा वहां से गुजर रहे एक पैदल यात्री से टकरा गया।
यात्री की पहचान 43 वर्षीय अतुल अनंत पाडवे के रूप में हुई है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अतुल वहां सड़क किनारे लगे एक बड़े पेड़ के कंक्रीट प्लांटर और बस के पिछले हिस्से के बीच में बुरी तरह फंस गए। इस हादसे में उनके दोनों जांघों पर गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं और अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है।
चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिक तुरंत अतुल को बचाने के लिए दौड़े। भीड़ ने मिलकर फंसी हुई बस को आगे की तरफ धक्का देना शुरू किया ताकि घायल को बाहर निकाला जा सके। लेकिन इसी हड़बड़ाहट और धक्का-मुक्की के बीच चालक बस से पूरी तरह अपना नियंत्रण खो बैठा।
नतीजतन, बस अचानक तेज गति से आगे की ओर बढ़ गई और पार्किंग क्षेत्र में खड़ी दो मोटरसाइकिलों और एक ऑटो रिक्शा को बेरहमी से रौंदते हुए उनसे जा टकराई। इस अफरा-तफरी के कारण पार्किंग में खड़े वाहन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे इलाके में भारी हंगामा खड़ा हो गया।
हादसे के तुरंत बाद बस के कंडक्टर ने सूझबूझ दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल अतुल पाडवे को इलाज के लिए नजदीकी अग्रवाल अस्पताल, मुलुंड में भर्ती कराया, जहां उनका आपातकालीन उपचार चल रहा है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष बस निरीक्षक और सहायक बस निरीक्षक की टीम को तुरंत मौके पर तैनात किया गया है।
भांडुप पुलिस स्टेशन के अधिकारी दुर्घटना के सटीक कारणों, चालक की लापरवाही और तकनीकी खराबी की जांच कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर बस समय रहते नियंत्रित हो जाती तो इस बड़े हादसे और वाहनों की तोड़फोड़ को टाला जा सकता था।