

IMD Heavy Rain Alert India: दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के ज्यादातर हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। जहां एक ओर लगातार हो रही बारिश से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इतना ही नही जम्मू-कश्मीर, केरल और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले चार से पांच दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ठाठरी क्षेत्र में सोमवार रात बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी नुकसान पहुंचाया। पहाड़ों से बड़े-बड़े पत्थर, चट्टानें और मलबा नीचे आने से करीब 10 घर, 25 से अधिक दुकानें और कई वाहन मलबे में दब गए। जबकि कई इमारतों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि राहत की बात यह रही कि अभी तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है।
बताया जा रहा है कि बादल ठाठरी कस्बे के ऊपर स्थित कैचमेंट क्षेत्र में फटा, जिसके बाद तेज बहाव के साथ भारी मात्रा में मलबा नीचे आया। कई वाहन चिनाब नदी में बह गए। घटना के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य एजेंसियां राहत एवं बचाव कार्य में लगातार जुटी हुई हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक भारी भूस्खलन के कारण डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशाल चट्टानें और मलबा जमा हो गया है। बता दें कि अधिकारियों के अनुसार अभी सड़क को पूरी तरह साफ करने में कई दिन लग सकते हैं। वहीं फिलहाल राजमार्ग पूरी तरह बंद है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केरल के वायनाड जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भूस्खलन की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है। इस हादसे में 10 लोग घायल हुए हैं, जबकि पांच लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्र में अभियान चला रहे हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के कुल्लू समेत कई पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं से हालात प्रभावित हुए हैं। यहां तक कि कई स्थानों पर सड़कें बाधित हुई हैं और प्रशासन ने लोगों तथा पर्यटकों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग ने मीडिया से हुई बातचीत में बताया कि हरियाणा में मानसून की दस्तक के बाद उत्तरी और दक्षिणी जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन लाल खिचड़ के अनुसार, मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी है, इसलिए पूरे राज्य में एक साथ बारिश नहीं हो रही है।
उन्होंने तो यह भी बताया कि पश्चिमी हरियाणा में अगले तीन दिनों के दौरान मानसून के और सक्रिय होने की संभावना है। 10 से 11 जुलाई तक पूरे हरियाणा में मानसून के पहुंचने का अनुमान है। वर्तमान में सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, भिवानी और चरखी दादरी जैसे जिलों में अपेक्षाकृत कम बारिश दर्ज की गई है।
भारत मौसम विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक देश के कई राज्यों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। अभी तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया जा चुका है।
इतना ही नही बल्कि हरियाणा में अधिकतम तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, हालांकि उमस बनी रहने की संभावना है।