Maharashtra News: मनपा चुनाव में उंगली की स्याही पर सवाल, कोरस कंपनी के मार्कर की जांच

Maharashtra Local Body Elections: 29 महानगरपालिका चुनाव में उंगली की स्याही मिटने के आरोपों पर राज्य निर्वाचन आयोग ने कोरस कंपनी के मार्कर की जांच के आदेश दिए हैं।
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चुनावी स्याही (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: राज्य में 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव के दौरान उंगली पर मार्कर से लगाई जाने वाली स्याही मिट जाने की शिकायतों पर राज्य निर्वाचन आयोग ने गंभीर संज्ञान लिया है। यह मार्कर कोरस कंपनी द्वारा सप्लाई किए गए थे और अब इस कंपनी की जांच की जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने कहा कि ऐसे मामले दोबारा न हों, इसलिए आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में इसके लिए आयोग मैसूर इंक कंपनी की स्याही का उपयोग करेगा। स्थानीय निकाय चुनावों में उंगली पर स्याही लगाने के लिए वर्ष 2011 से मार्कर इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्याही लगाने के बाद उसे सूखने में 10 से 12 सेकंड लगते हैं। इस दौरान मतदाता मतदान कक्ष में ही रहता है। एक बार स्याही सूख जाने के बाद उसे मिटाया नहीं जा सकता। मार्कर में इस्तेमाल की जाने वाली स्याही वही है, जिसका उपयोग भारत निर्वाचन आयोग भी करता है। यदि स्याही मिटाकर दोबारा मतदान किया गया, तो संबंधित मतदाता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फेक नैरेटिव फैलाने की कोशिश

  • राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा वर्ष 2011 से मार्कर पेन का उपयोग किया जा रहा है यदि कोई जानबूझकर इस तरह की झूठी जानकारी फैलाता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग निष्पक्ष है और सत्ताधारी दल को किसी भी प्रकार की मदद नहीं की जाती।
  • उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने मतदान के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही मिटने का आरोप लगाया था। पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं के ऐसे वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसी पृष्ठभूमि में राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने तत्काल प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति स्पष्ट की।
  • वाघमारे ने बताया कि "पाडू" मशीन का उपयोग वर्ष 2004 से किया जा रहा है, यानी वीवीपैट आने से पहले से। यह मशीन केवल अपवादात्मक परिस्थितियों में इस्तेमाल की जाती है। यह सिर्फ एक डिस्प्ले यूनिट (मिरर डिस्प्ले) है। यदि किसी कारणवश कंट्रोल यूनिट में डेटा दिखाई नहीं देता, तभी पाडू मशीन का उपयोग किया जाता है।
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