मंत्री प्रताप सरनाईक, ST Bus (सो. सोशल मीडिया)
Maharashtra Advertisement Revenue News: राज्य के ग्रामीण भागों की जीवनवाहिनी कही जाने वाली राज्य परिवहन सेवा को घाटे से उबारने की रणनीति राज्य सरकार के सहयोग से बनाई गई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि राज्य के आम नागरिकों को सस्ती, सुलभ एवं भरोसेमंद परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने राज्य विधानपरिषद में कहा कि वर्तमान में 14 हजार से अधिक बसों के माध्यम से राज्य के शहरी, ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में सेवा दी जा रही है। अब इस सेवा को और मजबूत करने के लिए 8,300 नई बसों को बेड़े में शामिल किया जाएगा। इनमें से 3,000 बसों की सेवा जल्द ही शुरू की जाएगी। इन्हें चरणबद्ध तरीके से सभी डिपो में तैनात किया जाएगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि वर्षों से एसटी घाटे में ही चल रही है। एसटी सेवाओं को अधिक सक्षम बनाने और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। नई बसों के संचालन के लिए 17,742 चालक और परिचालकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। भर्ती पूरी होने तक अस्थायी रूप से संविदा आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निगम की आय बढ़ाने के लिए भी ठोस उपाय किए जा रहे हैं।
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डीजल खरीद में नई निविदा प्रक्रिया अपनाने से प्रति लीटर 5.13 रुपये की अतिरिक्त बचत हो रही है। इसके अलावा एसटी बस स्टैंड की जमीन पर व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित करने, विज्ञापन से आय बढ़ाने के साथ सौर ऊर्जा के उपयोग से खर्च कम करने की दिशा में काम हो रहा है। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से सभी एसटी बसें इलेक्ट्रिक यानी ई बसें ही होंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए छोटी और मिडी बसों को शामिल करने की योजना है। “गांव-गांव तक एसटी” के लक्ष्य को साकार करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इन कदमों से एसटी सेवा को नई मजबूती मिलने के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।