Maharashtra Malnutrition Initiative (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Malnutrition Initiative: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त करने और महिला व बाल स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में महिला एवं बाल विकास विभाग और ‘चिल्ड्रन्स इन्वेस्टमेंट फंड फाउंडेशन’ (सीआईएफएफ) के बीच पांच वर्षों के लिए एक महत्वपूर्ण सामंजस्य करार (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य राज्य के मातृ एवं बाल पोषण सूचकांक में उल्लेखनीय सुधार लाना है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस अवसर पर विश्वास व्यक्त किया कि यह समझौता राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। इस साझेदारी के अंतर्गत विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां कुपोषण की समस्या गंभीर है। शुरुआत में पालघर, जालना, नंदुरबार, गडचिरोली और अमरावती जैसे जिलों में इस योजना को सघनता से लागू किया जाएगा। साथ ही, राज्य स्तर पर तकनीकी सहायता प्रदान कर व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
इस समझौते के तहत ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (पीएमएमवी) जैसी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजनाओं को और अधिक सुव्यवस्थित किया जाएगा ताकि इनका लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंच सके।
सीआईएफएफ द्वारा पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी, जो स्वास्थ्य आदतों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाएंगे। विशेष रूप से गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म के शुरुआती 1000 दिनों तक के महत्वपूर्ण समय में उचित पोषण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक अभियान चलाए जाएंगे।
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सेवाओं की गुणवत्ता और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया पर जोर दिया गया है। क्षेत्रीय कर्मचारियों के क्षमता विकास के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्यक्षमता बढ़ाई जाएगी।
इस व्यापक भागीदारी से न केवल सेवा वितरण तंत्र मजबूत होगा, बल्कि महाराष्ट्र की माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य पूर्ण एवं सक्षम भविष्य के लिए एक नई दिशा भी सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास सचिव डॉ. अनूप कुमार यादव और सीआईएफएफ की कार्यकारी निदेशक मंजुला सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।