Maharashtra mineral smuggling (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Illegal Mining Action: महाराष्ट्र में अवैध खनिज संपदा और संपदा के उपयोग के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख तय किया है। राजस्व मंत्री चन्द्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि रायगढ़ जिले और पालघर जिले सहित भिवंडी क्षेत्र में चल रहे अवैध अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि आगामी तीन महीनों में पिछले पांच वर्षों के दौरान खनन के लिए सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की भर्ती पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ जुर्माना, ब्याज दर और आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।
विधानसभा सदस्य सुनील प्रभु ने भिवंडी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन और खनिज संसाधनों से सरकारी राजस्व को हो रहे भारी नुकसान का फायदा उठाते हुए तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की। इस चर्चा में दिलीप लांडे, राजू खरे और नाना पटोले ने भी हिस्सा लिया।
जवाब में राजस्व मंत्री ने बताया कि अवैध खनन और क्रशर कंपनी पर रोक लगाने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई है। संबंधित ठिकानों पर मामले दर्ज करने, जुर्माना वसूलने और अवैध सामग्री जब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।
मंत्री बाउलनकुले ने कहा कि कई भंडारों के लिए आवश्यक खनन पट्टा, पर्यावरण लाइसेंस, विध्वंस उपयोग लाइसेंस और ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जैसे दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए, दस्तावेज़ीकरण के माध्यम से समग्र जानकारी एकत्र करके अवैध निर्माण का चित्रण किया गया।
LIVE 📍विधान भवन, मुंबई 23-03-2026 राज्य विधिमंडळ अर्थसंकल्पीय अधिवेशन – विधानसभेतून लाईव्ह https://t.co/FHoCF9w64Z — Chandrashekhar Bawankule (@cbawankule) March 23, 2026
जिन स्टाल पर बिना लील के खनन और स्टोन क्रशर संचालित हो रहे हैं, उन्हें तुरंत बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए जिले को सीधे सीधे जिम्मेदारी दी गई और अवैध रूप से जमा किए गए खनिज भंडार को जब्त कर लिया गया। बिना आवश्यक, पर्यावरण मंजूरी, खनन योजना, पासपोर्ट लाइसेंस और ग्राम पंचायत के अनापत्ति प्रमाण पत्र के चल रही मंडल पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य में खनिज रसायन की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और गूगल मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। पिछले पाँच वर्षों में दर्ज किये गए विवरणों की भी जांच होगी। मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट किया कि वैधानिक वाॅलीकोलिज़ को बिना किसी अवैध निर्माण के पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यदि इस मामले में कोई अधिकारी शामिल मिला तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।