industrial LPG supply (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण उत्पन्न गैस संकट का असर पूरे देश में महसूस किया जा रहा है। कॉमर्शियल द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्यों को दिए जाने वाले कोटे में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। इस निर्णय को राज्य सरकारों की सूचना के अनुसार लागू किया जाएगा। ठाणे के जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल ने बताया कि नई नीति के अनुसार पहले राज्यों को मिलने वाले 20 प्रतिशत कोटे और उसके आधार पर बढ़ाए गए 10 प्रतिशत कोटे के अलावा अब अतिरिक्त 20 प्रतिशत कोटा भी मंजूर किया गया है।
कोटा बढ़ोतरी का सबसे अधिक लाभ रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, अन्न प्रसंस्करण उद्योग, दुग्ध केंद्र और सरकारी अनुदानित अन्न केंद्रों को मिलेगा। इसके साथ ही प्रवासी मजदूरों के लिए उपलब्ध 5 किलो एफटीएल (FTL) सिलेंडर की आपूर्ति को भी प्राथमिकता दी गई है।
सरकार ने इस सुविधा के लाभ के लिए कुछ शर्तें भी लागू की हैं। सभी कॉमर्शियल और औद्योगिक एलपीजी ग्राहकों को संबंधित तेल कंपनियों यानी भारत की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) के पास पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। कंपनियां ग्राहकों के वार्षिक उपयोग और रिकॉर्ड की जांच करेंगी, ताकि गैस के दुरुपयोग को रोका जा सके।
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जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG)की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को पीएनजी के लिए आवेदन कर उसका उपयोग करना चाहिए। इससे कॉमर्शियल क्षेत्र में ईंधन संकट को कम करने में मदद मिलेगी।